Big Breaking:- झारखंड में सियासी संकट ! बसंत सोरेन के लाख समझाने के बाद भी नहीं माने बागी कांग्रेस विधायक, आलाकमान से मुलाकात के लिए राजधानी दिल्ली हुए रवाना

    Big Breaking:- झारखंड में सियासी संकट ! बसंत सोरेन के लाख समझाने के बाद भी नहीं माने बागी कांग्रेस विधायक, आलाकमान से मुलाकात के लिए राजधानी दिल्ली हुए रवाना

    Tnp desk:- कांग्रेस के नाराज विधायकों की नाराजगी कम होने का नाम नहीं ले रही., मंत्री पद नहीं मिलने के चलते पार्टी के अंदर ही बगावत का बिगुल कल शपथ ग्रहण से पहले ही फूट गया था. काफी मान मनोव्वल के बाद भी लगा की विरोध के सुर शांत हो जाएगे . लेकिन, अभी भी इसकी आग भड़की हुई है. कांग्रेस के 10 विधायक आज होटल में मीटिंग करने के बाद दिल्ली रवाना हो गये. सभी पार्टी आलाकमान से मिलकर अपनी समस्या को रखेंगे . अब देखना है कि दिल्ली में क्या होता है. इस पर नजर बनीं हुई है. 

    इस बीच कांग्रेस में मचे इस सियासी तूफान के कारण चंपाई सरकार पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं. हालांकि, मुख्यमंत्री चंपई भी दिल्ली निकल चुके हैं, बताया जा रहा है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जून खड़गे से मुलाकात कर इसका राह निकालने की कोशिश करेंगे.
    आपको बता दे , पूर्व सीएम हेमंत के छोटे भाई और चंपाई सरकार में मंत्री बंसत सोरेन खुद कांग्रेस के नाराज विधायक को मनाने के लिए होटल पहुंचे थे. लेकिन उनकी मश्शकत और मेहनत भी रंग नहीं लायी. उनकी बातों को भी बागी कांग्रेस विधायक नहीं माने औऱ दिल्ली की उड़ान भरी . इनके  बगावती तेवर से लगता है कि आगामी बजत सत्र में ही सरकार के लिए खतरा मंडरायेगा और अगर बात नहीं बनीं तो चंपई सरकार गिर भी सकती है. 

    गौरतलब है कि कांग्रेस कोट से चार मंत्रियों ने चंपई सोरेन सरकार में शपथ ली. ये चारों वही विधायक थे, जो पूर्व में  हेमंत सोरेन कैबिनेट में मंत्री थे. इनके नाम आलमगीर आलम, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख और रामेश्वर उरांव है. चारों को वही विभाग मिला है, जो उनका हेमंत सोरेन के कार्यकाल के दौरान था. 


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