8 महीने के बच्चे को मां की आंचल से चुराकर कुएं में डाला,जानिए यह राक्षसी करतूत कैसे की गई

    8 महीने के बच्चे को मां की आंचल से चुराकर कुएं में डाला,जानिए यह राक्षसी करतूत कैसे की गई

    धनबाद(DHANBAD): गिरिडीह के सियाटांड़ गांव से  एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है.  ऐसा करने वाले आदमी थे या राक्षस, यह तो कहना बहुत ही मुश्किल है.  8 महीने के बच्चे को मां की गोद से चुराकर कुएं में फेंक देना, यह एक ऐसा अपराध है, जिसे सुनने से ही रोंगटे खड़े हो जाते है.  उस माँ , पिता और परिवार पर  क्या बीत रही होगी ,यह तो केवल अंदाज ही लगाया जा सकता है.  सियाटांड़ निवासी सुलेखा कुमारी मंगलवार की रात अपने 8 माह के बेटे के साथ छत पर सो रही थी.  आधी रात के बाद   जब वह उठी तो बच्चे को नहीं पाकर बेचैन हो गई.  उसकी नींद हवा हो गई.  घर वालों को तुरंत इसकी जानकारी दी.  परिजन रात से ही खोजबीन शुरू कर दिए.  लेकिन कुछ पता नहीं चला, फिर परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. 
     
    रात से ही सक्रिय हो गई थी पुलिस 
     
    रात में ही नावाडीह प्रभारी गांव पहुंचे और खोजबीन शुरू की.  बुधवार की सुबह एसडीपीओ सहित अन्य पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे और छानबीन करने लगे.  उन्हें किसी सूत्र ने बताया कि बच्चे को किसी कुएं  में डाल दिया गया है.  फिर क्या था, आसपास के सभी कुओं  की तलाश शुरू हुई.  इसी दौरान घर से कुछ ही दूरी पर  गांव के एक  कुए से बच्चे का शव बरामद हुआ.  पुलिस ने गांव वालों की मदद से शव  को निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.  इस घटना के बाद परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल है.  गांव वाले दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे है.  

    हत्यारा अभी पुलिस की पकड़ से है दूर 

    बच्चे की हत्या करने वाले अभी पकड़ में नहीं आए है.  एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो के अनुसार बच्चे के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी थी.  सुबह में खोजबीन के दौरान कुवें से  बच्चे का शव पाया गया.  उन्होंने परिवार वालों को आश्वस्त किया है कि हर हाल में ऐसा करने वालों को पुलिस खोज निकलेगी  और सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी.  इस घटना ने इलाके के लोगों को सकते में डाल दिया है.  आपसी दुश्मनी के कारण ऐसा किया गया है अथवा किसी सिरफिरे ने यह करतूत की है, यह तो जांच से ही पता चलेगा.  लेकिन इस घटना को जान सुन कर लोग  अचंभित है.  देखना है पुलिस ऐसा करने वाले को कब तक कानून के शिकंजे में कसने में सफल होती है. 

    धनबाद से संतोष की रिपोर्ट 



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