बन्ना गुप्ता -सरयू  राय में तनातनी के बीच एक और घोटाले का आरोप ,पढ़िए डिटेल में 

    बन्ना गुप्ता -सरयू  राय में तनातनी के बीच एक और घोटाले का आरोप ,पढ़िए डिटेल में

    धनबाद(DHANBAD):  झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और विधायक सरयू  राय के बीच चल रही तनातनी बढ़ती ही जा रही है.  विधायक सरयू राय लगातार स्वास्थ्य मंत्री पर हमलावर है.  फिर उन्होंने एक कथित नए घोटाले का खुलासा किया है.  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन देकर  कार्रवाई की मांग की है. जमशेदपुर पूर्वी के विधायक  सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री पर एक गंभीर घोटाला करने का आरोप लगाया है.   इस संबंध में  मुख्यमंत्री को एक आवेदन  सौंपा है. कहा है कि   स्वास्थ्य विभाग में मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार चयनित मानव बल आपूर्ति करने वाली  आउटसोर्सिंग एजेंसियों का इम्पैनल्ड रद्द करने का आदेश दिया गया  है.  एक माह के भीतर नये सिरे से आउटसोर्सिंग एजेंसी का  चयन करने के लिए अस्पतालों के अधीक्षक और जिला के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया गया है.   आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन ‘‘झारखण्ड मेडिकल एंड हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) द्वारा प्रकाशित निविदा के आधार पर हुआ था.  

    मंत्री पर नियम के खिलाफ काम करने का लगा है आरोप 

    स्वास्थ्य मंत्री के प्रभाव में विभाग ने एक साल तक इसके साथ एकरारनामा नहीं किया और पूर्व से चल रही व्यवस्था को लागू रहने दिया.  अब इनका इम्पैनल्ड रद्द कर वह  चाहते हैं कि पूर्व की भांति ही आउट सोर्सिंग एजेंसी द्वारा मानव बल उपलब्ध कराने का काम चलता रहे.  आश्चर्य है कि मंत्रिपरिषद द्वारा पारित संकल्प के आधार पर JMHIDPCL द्वारा प्रकाशित निविदा द्वारा चयनित आउटसोर्सिंग कम्पनी का पैनल मंत्री ने स्वयं रद्द कर दिया और मंत्रिपरिषद को सूचित किये बिना अपने स्तर पर ही उन्होंने विज्ञापन निकालकर एजेंसी नियुक्त करने का निर्देश सिविल सर्जन और अस्पताल के अधीक्षकों को दे दिया.  स्वास्थ्य मंत्री जानते हैं कि एक माह के भीतर निविदा निष्पादन संभव नहीं है, क्यों कि  एक माह के भीतर चुनाव की घोषणा हो जाएगी और आदर्श आचार संहिता लग जाएगी. पूर्व से चल रही इस व्यवस्था को ही कायम रखने की साजिश स्वास्थ्य मंत्री कर रहे है. विधायक का आरोप  है कि यह  बहुत बड़ा घोटाला है, जिसकी जाँच मुख्यमंत्री कराये और अनियमिता होने से रोके. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



    Related News