बिहारियों से वोट लेकर उनकी पीठ में छुरा घोपने का काम सरकार में शामिल दलों ने किया : कैलाश यादव


रांची(RANCHI): धुर्वा में अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच की बैठक मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव की अध्यक्षता में हुई. जिसमें निर्णय लिया गया कि 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति प्रस्ताव सरकार या न्यायालय द्वारा जब तक वापस नही होगा तब तक निरंतर पुरजोर विरोध किया जाएगा. राज्यस्तर पर व्यापक जनांदोलन किया जाएगा. 18 सितंबर को 11 बजे से धुर्वा सेक्टर 2 स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से एक महामंच का एलान किया जाएगा. उसके बाद आगामी रणनीति का उलगुलान किया जाएगा . कैलाश यादव ने कहा कि बहुसंख्यक आबादी वाले बिहार,यूपी एवं अन्य लोगो से वोट लेकर पीठ में खंजर घोपने का काम महागठबंधन सरकार में शामिल दलों ने किया है.
60-70 फीसदी वाले बहुसंख्यक वर्ग को गैर झारखंडी और बाहरी की संज्ञा
बैठक में कहा गया कि सीएम हेमंत सोरेन ने 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति का प्रस्ताव पारित कर राज्य में वर्षो से निवास करने वाले 60-70 फीसदी वाले बहुसंख्यक वर्ग को गैर झारखंडी और बाहरी का संज्ञा दी है, निश्चित तौर पर हम लोग अपने ही राज्य में प्रवासी हो गए हैं. खारिज करने के लिए अब एक मात्र उपाय जनांदोलन से ही संभव है. बैठक में प्रो. गोपाल यादव, मनोज कुमार, रामकुमार यादव, भोगी लाल, जैनेंद्र राय, डीके सिंह, मुन्ना सिंह, चंद्रिका यादव, सरजू प्रसाद, कन्हैया सिंह, सीडी महतो, जगदीश तिवारी, शंकर सिन्हा, सुरेश प्रसाद सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
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