ईडी के बाद ट्रेजरी घोटाले पर सीबीआई की नजर!जांच में कई एसपी-दरोगा पर कस सकता है शिकंजा

    ईडी के बाद ट्रेजरी घोटाले पर सीबीआई की नजर!जांच में कई एसपी-दरोगा पर कस सकता है शिकंजा

    रांची(RANCHI): झारखंड में वैसे तो कई घोटाले हुए लेकिन इस बार फिर सीधे खजाने से ही करोड़ों अरबों रुपये लूट लिए गए. वह भी लुटेरे कोई बाहर के नहीं थे सिस्टम में बैठे बड़े हुक्मरान है.इस लूट को देखने पर 90 के दशक के चारा घोटाले की तस्वीर सामने आती है. यही वजह है कि पहले सीआईडी फिर ईडी और अब सीबीआई के इंट्री होने की संभावना है. जिससे इस पूरे खेल में शामिल बड़े साहब के चेहरे पर से भी नकाब उतर सके और लूट मचाने वाले बड़े अधिकारी से भी सलाखों के पीछे पहुंच सके.

    दरअसल मामले बेहद बड़ा और गंभीर है. झारखंड के बोकारो, हजारीबाग, रांची, चाइबासा समेत  कई कोषागार से अवैध निकासी की गई. निकासी करने कोई और नहीं बल्कि पुलिस वाले ही है. यानि खजाने से पैसा चोरी करने इस बार कोई बाहर से चोर नहीं पहुंचा खुद पुलिस ही वेतन का पैसा को चोरी करने लगी. वह भी एक दो करोड़ नहीं 45 करोड़ से अधिक रुपये को उड़ा लिया गया. 

    यह अब तक की जांच में बोकारो में 11 करोड़,हजारीबाग में 31 करोड़ करोड़,रांची में तीन करोड़,पश्चिमी सिहभूम 45 लाख और पूर्वी सिंहभूम में गलत तरीके से 32 करोड़ रुपये के पेमेंट किया गया. जिसमें तफतीश की जा रही है. अब तक जिला पुलिस और सीआईडी की SIT ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. साथ ही पूछताछ में कई अहम जानकारी निकल कर सामने आई है. लेकिन अब तक की कार्रवाई में पुलिस जवान,कोषागार और एएसआई रैंक के अधिकारी पर शिकंजा कसा है. शक है कि इस खेल में बड़े नाम सामने आ सकते है.  

    मामला बड़ा और हाई प्रोफाइल है. करोड़ों रुपये अवैध तरीके से साफ किए है. जिसे देखते हुए ईडी ने इस मामले में ECIR( Enforecement Case Information Register) दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी है. जिसमें अंदर खाने सीआईडी की जांच की समीक्षा की जा रही है. ईडी आने वाले दिनों में जेल भेजे गए पुलिस कर्मियों को भी रिमांड पर लेने की तैयारी में है. जिससे इस घोटाले के तह तक पहुंचा जा सके. और सभी चेहरे से नकाब उतार कर सबके सामने लाया जाए. 


    आने वाले दिनों में इस पूरे घोटाले में रांची समेत कई जगह पर ईडी की रेड देखने को मिल सकती है. जिसमें वेतन घोटाला से साम्राज्य बनाने वाले अधिकारी पर सीधे कार्रवाई की जा सके. साथ ही माना जा रहा है कि ईडी की जांच के बीच ही इस पूरे केस में सीबीआई की इंट्री हो सकती है. यानि दोनों केन्द्रीय एजेंसी पूरे घोटाले की सच्चाई को सामने लाएगी. 

    माना जा रहा है कि इस घोटाले में सिर्फ छोटे अधिकारी नहीं है. इसमें कई आईपीएस पर भी गाज गिर सकती है. इसके बाद और भी कई खुलासे होने की संभावना है.



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