झारखंड में वेतन घोटाला: सिपाही दरोगा के बाद कई आईपीएस अधिकारियों के खाते में भी भेजे गए थे पैसे

    झारखंड में वेतन घोटाला: सिपाही दरोगा के बाद कई आईपीएस अधिकारियों के खाते में भी भेजे गए थे पैसे

    रांची(RANCHI): कोषागार घोटाले की जांच में हर दिन नई परत खुल रही है.अब तक दरोगा-सिपाही इस घोटाले में शामिल थे लेकिन जांच आगे बढ़ी तो अब कई आईपीएस अधिकारी भी रडार पर आ गए. 14 जिला के एसपी की भूमिका संदेह के घेरे में है. जिसमें आगे बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है. 2016-17 वित्तीय वर्ष में जिले ने नियम कानून को ताक पर रख कर तत्कालीन एसपी ने करोड़ों का भुगतान अपने माध्यम से किया है. जिसकी जांच अब होने की उम्मीद है.

    अब 14 जिले में घोटाले का शक

    दरअसल बीते दिनों जब बोकारो ट्रेजरी से घोटाले की खबर सामने आई. पुलिस ने जांच शुरू किया और इसके बाद आकड़ा 30 करोड़ के पार चला गया. जिसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि सभी कोषागार की जांच की जाएगी. इस आदेश के बाद जब जांच शुरू हुई तो यह सिर्फ बोकारो तक सीमित नहीं रहा. बल्कि अब संदेह 14 जिलों तक घोटाले है. जहां सिपाही से लेकर आईपीएस अधिकारी तक गलत तरीके से पैसे निकालने के मामले में सदेह के घेरे में है.

    अपने पद के नाम का खोला खाता

    अब कई जिले में एसपी ने अपने पद नाम पर बैंक खाता खोल कर उसमें ट्रेजरी से भुगतान कराया और फिर अपने चेक के जरिए सभी पेमेंट को किया. जबकि रूल के मुताबिक नियम है कि जिसके नाम का बिल जमा किया जाएगा पैसे उसके खाते में भुगतान किया जाता है. लेकिन बात बड़े साहब की थी तो नियम कायदा सब ताक पर रख कर पैसे को सीधे एसपी साहब के खाते में भेजा जाने लगा. उसके बाद एसपी साहब अपने हिसाब से पैसे का भुगतान करते थे.

    2026-17 में बड़े पैमाने पर भुगतान

    इसका खुलासा होने के बाद एजी और वित्त विभाग की टीम सक्रिय होकर इसके तह तक जाने की कोशिश कर रही है. जिसमें वित्तीय वर्ष 2016-17 में भुगतान बड़े पैमाने पर गलत तरीके से किया गया है. जमशेदपुर में 38 लाख रुपये के भुगतान होने की सूचना है. जबकि अन्य जिलों में भी बड़े पैमाने में पैसे को ट्रांसफर किया गया है. जिसका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है.

    सीआईडी ने एक जवान को गिरफ्तार कर भेजा जेल

    इस पूरे घोटाले की जांच एक तरफ सीआईडी कर रही है. जिसमें बोकारो से लेकर हजारीबाग तक कई दस्तावेज को जब्त किया गया. एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. लेकिन अब अन्य जिलों की परत खुलने के बाद इसमें भी जांच होने के बाद बड़े खुलासे होने की संभावना है.

    बोकारो में डेटा गायब करने की कोशिश                

    जांच के बीच बोकारो में पुलिस विभाग के अंदरूनी सिस्टम पर भी सवाल खड़ा हुआ है. रिकार्ड और बैंक खाते के डेटा के साथ छेड़छाड़ किया गया है. रिकार्ड को उड़ाने की कोशिश की गई है. कई रिकार्ड को बदल दिया गया. जिससे जांच प्रभावित हो सके.ऐसे में अब सवाल खड़ा होने लगा की आखिर कितने बड़े साहब तक इस घोटाले के लिंक है. जिनके इशारे पर जांच के बीच ही रिकार्ड को उड़ाने की कोशिश की जाने लगी.

    हजारीबाग से सीआईडी ने जब्त किया दस्तावेज

    इधर हजारीबाग में सीआईडी की टीम भी पहुंची और लोहसिंघना थाना पहुंच कर अब तक के जांच के दस्तावेज को जब्त किया है. साथ ही पुलिस अधिकारियों से अब तक की जांच की समीक्षा की है. जिससे केस को आगे बढ़ाने में सहूलियत हो सके. सीआईडी की विशेष SIT इस केस में बड़े खुलासे कर सकती है. धीरे धीरे जांच में और भी खुलासे होने की संभवना है. और कई आईपीएस से लेकर डीएसपी रैंक के अधिकारी की भी भूमिका इस केस में सामने आ सकती है.

    अब तक जवान तक सीमित जांच

    माना जा रहा है कि अब तक सिर्फ निचले स्तर के पुलिसकर्मियों की गिरफ़्तारी हुई है. जब पूरे मामले की तफतीश गहनता से होगी तो फिर चौकाने वाले घोटाले के आकड़े के साथ कई चेहरे पर गाज गिर सकती है.                        

            

      



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