झारखंड के बाद अब बिहार पहुंच गया है वोटर आईडी का "भूत", पढ़िए -उप मुख्यमंत्री भी कैसे आ गए लपेटे में


TNP DESK- झारखंड के बाद एक से अधिक वोटर आईडी कार्ड रखने का मामला बिहार पहुंच गया है. झारखंड में बोकारो की विधायक श्वेता सिंह पर यह आरोप लगा था. आरोप पूर्व विधायक ने लगाया था. इसके बाद बिहार में वोटर आईडी का "भूत" नेताओं को परेशान किए हुए है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बाद अब उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के भी दो वोटर आईडी होने का दावा किया गया है. तेजश्वी यादव के बाद कांग्रेस भी इसको लेकर हमलावर है. कांग्रेस बता रही है कि विजय सिन्हा के नाम दो अलग-अलग विधानसभा के मतदान सूची में दर्ज है.
उन्हें कांग्रेस फर्जी वोटर बता रही है और पद से इस्तीफा देने की मांग भी कर रही है. प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने रविवार को पटना में यह दावा किया. उनका आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है. उन्होंने पूछा है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का बांकीपुर और लखीसराय दो जगह मतदान सूची में नाम कैसे हैं? वह इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं? विजय सिन्हा के दो वोटर आईडी होने पर तेजस्वी यादव भी हमलावर है. कहा है कि अगर विजय सिन्हा ने खुद फॉर्म नहीं भरा, तो आयोग बताए कि उनका दो जगह पहचान पत्र कैसे बना दिया? दोनों कार्ड में उनकी उम्र भी अलग-अलग है.
इस संबंध में बिना विलंब किए विजय सिन्हा भी मीडिया के सामने आए और अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि हा मेरा नाम दो जगह मतदान सूची में है, लेकिन एक जगह पटना में नाम हटाने का आवेदन दिया हुआ है. अभी मतदान की फाइनल सूची नहीं आई है. इसकी प्रक्रिया चल रही है. विजय सिन्हा ने एक कागज दिखाते हुए कहा कि उन्होंने साल 2024 में 30 अप्रैल को लखीसराय में अपना नाम जोड़ने तथा पटना से नाम हटाने का फॉर्म भरा है. किसी कारण से नाम नहीं हटा है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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