बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत: नहीं सूख  रहे रेल नगरी गोमो  के  आंसू ,पीड़ित परिवार मांग रहा न्याय 

    बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत: नहीं सूख  रहे रेल नगरी गोमो  के  आंसू ,पीड़ित परिवार मांग रहा न्याय

    धनबाद(DHANBAD):  बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत के बाद  रेल नगरी गोमो  के  आंसू सूख  नहीं रहे है.  घाव भर नहीं रहे है.  दो सगी बहनों की मौत ने गोमो सहित पूरे धनबाद को झकझोर कर रख दिया है. छह मई को  आठ लेन सड़क पर  जिस जगह सगी बहनें इशिता और जिया की दुर्घटना में मौत हुई थी , वहीं पर रविवार की शाम को शोक सभा कर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.  सब की आंखों में आंसू थे.  पिता तो श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर फफक फफक कर  रोने लगे.  खुद को संभालते हुए कहा कि 6 मई  से पहले दोनों मेरी बेटी थी, लेकिन 6 मई  के बाद पूरे समाज की बेटी हो गई है.  एक दुखी परिवार, पीड़ित पिता, पीड़ित मां और दुखी भाई केवल इन बच्चियों के लिए अब इंसाफ मांग सकता है.  

    बेटियां  तो वापस नहीं आ सकती  लेकिन गुनहगारों को सजा मिले 

    बेटियां  तो वापस नहीं आ सकती  लेकिन उनके गुनहगारों को तो हम सजा दिलवा ही सकते है.  सबने बेटियों के लिए प्रार्थना की.  मृत बहनों के चित्र पर पुष्प अर्पित किया.  मौके पर कई बुद्धिजीवी, समाजसेवी और प्रबुद्ध लोग  मौजूद थे.  पिता जय होरो  ने बताया कि जल्द ही जस्टिस फॉर जिया और इशिता हैशटैग  के साथ अभियान शुरू किया जाएगा.  इसके साथ ही पोस्टर, पंपलेट सहित अन्य माध्यमों से भी अभियान चला कर लोगों से नाबालिक को गाड़ी की चाबी नहीं देने की अपील की जाएगी.  यह  घटना मेरे परिवार के साथ नहीं बल्कि पूरे समाज के साथ हुई है.  जिस तरह से बेटियां तड़प- तड़प कर मरी , वह शब्दों में नहीं बताया जा सकता.  मेरी दोनों फूल सी बच्चियों को  मारकर इतना बड़ा घाव दिया गया है, जिसे भरना इस जीवन में संभव नहीं है.  एक दुखी पिता के नाते मेरा लोगों से नम्र निवेदन है कि रैश  ड्राइविंग करने वाले बच्चों को आप संभाल लें, स्टंट  और रील  बनाने के चक्कर में किसी का की जान न ली जाए. 

    नाबालिक बच्चों को गाड़ी की चाबी नहीं दे

     पूरे समाज से आग्रह है कि नाबालिक बच्चों को गाड़ी की चाबी नहीं दे.    बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत से रेल नगरी गोमो गम और गुस्से में  है. आक्रोश चरम पर है.  बच्चे हो या बुजुर्ग, महिला हो या पुरुष, सबकी आंखों में आंसू छलक रहे है.  तो उनके मन में भारी गुस्सा भी है. घटना के दिन और उसके बाद   बड़े बाप के बिगड़ैल बेटों की करतूत से लोगों का कलेजा फट रहा है .  आंसुओं का सैलाब उमड़  रहा है. .अंतिम क्रिया के दिन   पिता कंधे पर बेटियों की अर्थी  लेकर रो रहे थे.  कह रहे थे कि माफ करना बेटियां, हम तुम लोगों को बचा नहीं सके.  धनबाद के 8 लेन  सड़क पर अशर्फी अस्पताल के निकट 6 मई  को हुई सड़क दुर्घटना में दो सगी बहनों की मौत हो गई थी.  बच्चियों का शव जब गोमो सुभाष नगर लाया गया तो कोहराम मच गया था. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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