बिहार के गोपालगंज से चलकर घर से केवल 28 किलोमीटर दूर थे अभिनेता पंकज त्रिपाठी के बहनोई कि "काल" ने उनकी जान ले ली

    बिहार के गोपालगंज से चलकर घर से केवल 28 किलोमीटर दूर थे अभिनेता पंकज त्रिपाठी के बहनोई कि "काल" ने उनकी जान ले ली

    धनबाद(DHANBAD): सिने अभिनेता पंकज त्रिपाठी के बहनोई की मौत सिर में गंभीर चोट लगने और अधिक खून बहने के कारण हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण राजेश तिवारी के सिर के आगे और पिछले हिस्से में गंभीर चोट आई थी. सिर का अगला हिस्सा फट गया था. दूसरी ओर कार दुर्घटना में पंकज त्रिपाठी की बहन के चेहरे और जबड़े में गंभीर चोट आई है. पंकज त्रिपाठी की बहन सविता तिवारी का जबड़ा टूट गया है.

    धनबाद के निरसा में शनिवार को अपराह्न हुई सड़क दुर्घटना में अभिनेता  पंकज त्रिपाठी के बहनोई राजेश तिवारी की मौत हो गई. जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हैं. पंकज त्रिपाठी की बहन और बहनोई को पहले धनबाद के SNMMCH ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने राजेश तिवारी को मृत घोषित कर दिया.और घायल बहन का इलाज शुरू किया.बाद में परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले गए. तिवारी दंपति अपनी कार से अपने पैतृक गांव गोपालगंज से चितरंजन जा रहे थे. निरसा चौक पर कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई. कार चला रहे राजेश तिवारी और उनकी पत्नी सविता तिवारी घायल हो गए. लोगों ने तत्काल एंबुलेंस से उन्हें धनबाद भिजवाया. जहां राजेश तिवारी की मौत हो गई. राजेश तिवारी पश्चिम बंगाल के चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में अधिकारी थे. वह गोपालगंज जिले के कमालपुर के रहने वाले थे.

    प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार तेज थी. डिवाइडर से टकराने के बाद कार के आगे के  दोनों चक्के खुलकर बाहर निकल गए. कर डिवाइडर पर चढ़कर कुछ दूर तक चलती रही. जिला प्रशासन के निर्देश पर शनिवार देर रात को पंकज त्रिपाठी के बहनोई राजेश तिवारी के शव का पोस्टमार्टम किया गया. इसके बाद उनके परिजन शव को लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गए. मृतक राजेश तिवारी के दोनों बच्चे मुंबई में रहकर पढ़ाई करते हैं .वह भी कोलकाता पहुंच गए हैं. पति पत्नी चितरंजन स्थित अपने घर जा रहे थे. उनका घर घटनास्थल से मात्र 28 किलोमीटर दूर था. पति-पत्नी गोपालगंज से चितरंजन के लिए निकले थे. उन्हें 513 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी. राजेश तिवारी खुद कार चलाते हुए मस्जिद तक पहुंच रहे थे कि "काल" ने उन पर" वार "किया और उनकी जान चली गई .कार चलते हुए वह गोपालगंज से 485 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी. लेकिन घर पहुंचना उनके नसीब में था ही नहीं.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो



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