बोकारो,धनबाद को दहलाने के लिए रखा गया था हथियारों का जखीरा,बोकारो के बहुचर्चित शंकर रवानी हत्याकांड का क्या है धनबाद कनेक्शन,पढ़िए

    बोकारो,धनबाद को दहलाने के लिए रखा गया था हथियारों का जखीरा,बोकारो के बहुचर्चित शंकर रवानी हत्याकांड का क्या है धनबाद कनेक्शन,पढ़िए

    धनबाद(DHANBAD): पुलिस अगर चाह ले तो जमीन क्या, पाताल में भी छिपे अपराधियों को कानून के शिकंजे में कस सकती है. बोकारो के बहुचर्चित शंकर रवानी हत्याकांड में बोकारो पुलिस ने यही किया है. हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार बरामद हो गए हैं. उपयोग में लाई गई कार धनबाद के गोविंदपुर से बरामद कर ली गई है. बात सिर्फ इतनी ही नहीं है, पुलिस ने बोकारो के एक आवास से एके-47 के साथ दो मैगजीन, 92 राउंड गोली, एक कार्बाइन के साथ दो मैगजीन, एक राइफल, एक सिक्सर, चार पिस्तौल, 0.38 की 60 गोली, 9 एमएम की 100 राउंड गोली के अलावा 65 कार्टून विदेशी शराब भी जब्त किया है.

    बोकारो में छापेमारी के दौरान हथियार का जखीरा बरामद 

    दरअसल, शंकर रवानी हत्याकांड को लेकर बोकारो पुलिस लोगों के निशाने पर थी. पुलिस ने हत्या में शामिल एक अपराधी को बिहार से गिरफ्तार करने के साथ-साथ उसके बोकारो स्थित आवास से हथियारों का जखीरा बरामद किया है .इस हथियार में वह भी आर्म्स भी शामिल है, जिससे ठेकेदार की हत्या की गई थी. हत्या में इस्तेमाल की गई कार धनबाद से जब्त की गई है. हत्याकांड का खुलासा करते हुए बोकारो पुलिस ने बताया है कि बिहार के छपरा जिले के भगवान बाजार स्थित होटल से वीरेंद्र प्रसाद यादव उर्फ वीरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया गया. वीरेंद्र प्रसाद का पुश्तैनी घर छपरा में ही है. पुलिस उसे लेकर बोकारो आई और सख्ती से पूछताछ की. उसकी निशानदेही  पर बोकारो और धनबाद के कई जगहों पर छापेमारी की गई.बोकारो में भारत एकता कोऑपरेटिव कॉलोनी में छापेमारी की गई. जहां सेक्टर 12 थाना के प्लॉट नंबर 135  आवास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए. इसके अलावे धनबाद के शंकर कॉलोनी, बेकार बांध स्थित उसके आवास पर भी छापेमारी की गई. वह धनबाद में भी अपना ठिकाना बनाए हुए था.

    वीरेंद्र ने शंकर रवानी हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली

    बोकारो एसपी के अनुसार नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान टीम ने संदेह के आधार पर वीरेंद्र प्रसाद को पहले होटल से पूछताछ के लिए उठाया. उसे उसके पुश्तैनी घर छपरा के  गांव ले जाया गया .वहां घर की तलाशी लेने के बाद पुलिस ने उसे कड़ाई से पूछताछ की. वीरेंद्र ने शंकर रवानी हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. इसके बाद पुलिस उसे बोकारो लेकर आई. वीरेंद्र प्रसाद के धनबाद के शंकर कॉलोनी, बेकार बांध आवास तथा बोकारो के सेक्टर 12 की भारत एकता कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित आवास पर छापेमारी की गई. बोकारो के आवास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए.

    क्यों की गई थी शंकर रवानी की हत्या 

    बोकारो पुलिस ने धनबाद के गोविंदपुर के गायडे हरा से हत्या में इस्तेमाल की गई गोल्डन कलर की कार को भी जब्त किया है. यह कार किसी बबलू मलिक की बताई जाती है. 18 जुलाई को शंकर रवानी की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड को लेकर धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो  और बोकारो पुलिस के बीच विवाद भी हुआ था. हत्याकांड में अब तक आधा दर्जन अपराधी गिरफ्तार हो चुके हैं. अभी भी पुलिस को तीन क्रिमिनल्स की तलाश है .इस हत्याकांड से यह बात स्पष्ट हो गया है कि बोकारो ऐश पौंड से ट्रांसपोर्टिंग के धंधे में वर्चस्व को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. वैसे कहा तो यह भी जाता है कि शंकर रवानी तड़ीपार था. फिर भी वह बोकारो आया जाया करता था.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Related News

    Our latest news