धनबाद में खूब जमा रंग, आखिर जमता भी क्यों नहीं, आयोजन ही कुछ ऐसा था 

    धनबाद में खूब जमा रंग, आखिर जमता भी क्यों नहीं, आयोजन ही कुछ ऐसा था 

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद में शनिवार की रात खूब रंग जमा. आयोजन भी ढंग का था और आगंतुक भी नामी-गिरामी थे. कवि और शायर भी नामचीन थे, फिर रंग तो जमना ही था. और खूब जमा भी.

    जलता सूरज, चांद- सितारे

    सबका मालिक ऊपर वाले,

    सबको आंखों से पिलाने की जरूरत क्या है,

    सबको दीवाना बनाने की जरूरत क्या है,

    तुमको मालिक ने दी है कटारी आंखें,

    तलवार उठाने की जरूरत क्या है....

    आदि नगमों  पर खूब तालियां बजी. तालियां देर रात तक बजती रही.  आयोजन था एक शाम डॉ राहत इंदौरी के नाम.

    धनबाद के नया बाजार में हुआ था कार्यक्रम 

    इस कार्यक्रम में शायरों और कवियों ने ऐसी समा बांधी कि बैठने वाले अथवा खड़े होकर लुत्फ़ उठाने वाले तनिक हिल डोल भी नहीं कर सके. यह आयोजन इंडिगो क्लब की ओर से धनबाद के नया बाजार में किया गया था. आयोजकों का उत्साह बढ़ाने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पहुंचे थे. इतना ही नहीं, विधायक राज सिन्हा, विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, पूर्व विधायक अरूप चटर्जी, पूर्व वियाडा अध्यक्ष विजय झा, झारखंड प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, जिला कांग्रेस के अध्यक्ष ब्रजेन्द्र  प्रसाद सिंह सहित काफी चर्चित चेहरे कार्यक्रम में शामिल थे. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि डॉ राहत इंदौरी बेताज बादशाह थे. 

    कम शब्दों में बड़ी बातें कहना कोई उनसे सीखे 

    कम शब्दों में बड़ी बातें कहना उनकी सबसे बड़ी कलाकारी थी. विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि कोविड के बाद धनबाद में यह आयोजन अपने आप में महत्वपूर्ण है. शायर गौहर कानपुरी, श्याम पांडेय, शंकर तैमूरी, शाहिद करमी, परवेज आलम समेत अन्य ने कलाम पेश किये, शायर जोहर कानपुरी ने डॉ राहत इंदौरी का शेर पढ़ा-

    सुना है कि सरहदों पर बहुत तनाव है क्या, जरा मालूम तो करो चुनाव है क्या.... 

     


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