आउटडोर स्टेडियम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 250 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में


दुमका (DUMKA) : संथाल परगना प्रमंडल में सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल झारखंड की उपराजधानी दुमका में देखने को मिली. संथाल बहुल इस क्षेत्र में पहली बार ऐसे जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया, जो वर्षों से बिना वैवाहिक बंधन के साथ रह रहे थे. आउटडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में करीब 250 जोड़ों ने विवाह किया.
आउटडोर स्टेडियम में भव्य आयोजन
दुमका के आउटडोर स्टेडियम में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में जोड़ों का विवाह संथाल सरना एवं ईसाई रीति रिवाज के अनुसार संपन्न कराया गया. यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक एकता और परंपरा का अनूठा उदाहरण बना.
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
यह आयोजन सांसद नलिन सोरेन एवं जिला परिषद अध्यक्ष जायस बेसरा के प्रयास से संपन्न हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद नलिन सोरेन ने दीप प्रज्वलन कर किया. समारोह में दुमका विधायक बसंत सोरेन, जामा विधायक लुईस मरांडी, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे
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विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे जोड़े
दुमका के शिकारीपाड़ा, काठीकुंड एवं रामगढ़ प्रखंड के विभिन्न गांव से आए लगभग 250 जोड़ों का विवाह पारंपरिक संथाली एवं ईसाई रीति रिवाज के अनुसार संपन्न कराया गया.
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ
नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई. इसके साथ ही गृहस्थी में उपयोग आने वाली आवश्यक सामग्री भी जोड़ों को दी गई.
सकारात्मक सामाजिक संदेश
आयोजकों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश देना है, ताकि लंबे समय से साथ रह रहे जोड़ों को सामाजिक सम्मान, वैधानिक पहचान और सुरक्षित भविष्य मिल सके.
समाज के लिए प्रेरणास्रोत आयोजन
संथाल परगना क्षेत्र में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता, परंपरा और जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभरा है. यह आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक नई और प्रेरक मिसाल प्रस्तुत करता है.
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