इस दीपावली जलाएं शुद्ध सात्विक दीया, मां लक्ष्मी के साथ प्रसन्न होंगे भगवान विष्णु


धनबाद (DHANBAD) शुद्ध सात्विक चीजों से बना दीया गर जलने के बाद मछली का आहार बन जाए तो धार्मिक महत्व के साथ पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर है. दीपावली में हम मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दीया जलाते हैं, गर यह भगवान विष्णु के अवतार को भी प्रसन्न कर दे, तो इसे सोना पर सुहागा ही कहेंगे. कुछ ऐसा ही अनोखा प्रयास किया जा रहा झरिया में. महिलाएं गोबर, दूध, दही, मुल्तानी मिट्टी, गोमूत्र और घी मिलाकर पंचतत्व दीया बना रही हैं. दीया को जलाने के बाद अगर तालाब में प्रवाह किया जाए तो मछलियों का चारा बन जाएगा और खेत में जाए तो यह खाद का काम करेगा. झरिया में महिलाएं ऐसा ही दीया एक दिन में 400 से 500 तैयार कर रही हैं. इसके लिए नागपुर से मंगवाई सांचे की मशीन का इस्तेमाल हो रहा है.
जानिए क्या है कीमत
झरिया की टाटा स्टील रूलर डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से महिलाओं को कारोबार में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. पर्यावरण और धार्मिक महत्व के इस खास दीए को तैयार करने के लिए सोसाइटी ने 7 हजार रुपए की यह मशीन महिलाओं को उपलब्ध कराई है. इस मशीन की कीमत का भुगतान भी इन महिलाओं ने ही मिलकर किया है. इन महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है. बिना रंग का दीया ₹5 में और रंगीन ₹6 में बिक रहा है. बाजारों में भी इसकी डिमांड है. हालांकि टाटा के अधिकारीयों के अनुसार इस बार इको फ्रेंडली दीपावली मनाने के लिए इसका निर्माण करवाया जा रहा है.
रिपोर्ट :अभिषेक कुमार सिंह( ब्यूरो हेड ) धनबाद
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