जिप की अंतिम बैठक में सदस्यों का जोरदार हंगामा, 6 साल में भी नहीं हो पाया विकास
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धनबाद(DHANBAD) जिला परिषद् बोर्ड की बैठक काफी हंगामेदार रही. एक समय तो लगभग सभी सदस्य उठकर आसन के सामने जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे. उनका सीधा आरोप था कि बैठक में जो प्रस्ताव पारित होते हैं, उनका क्रियान्वयन नहीं किया जाता. जो प्रस्ताव पारित कर दिए जाते हैं, उन्हें फिर से सूची में डाल कर सदन का समय बर्बाद किया जाता है. सदस्यों ने इसके उदाहरण भी दिए. कई बार तो आसन को जवाब नहीं जुट रहा था. सदस्य काफी गुस्से में थे. उनका कहना था कि अवधि विस्तार के बाद यह बोर्ड की अंतिम बैठक है. क्षेत्र में काम नहीं हुए हैं, ऐसे में वह किस मुंह से जनता से फिर वोट मांगने जाएंगे. बता दें कि धनबाद के लगभग 15 लाख लोगों के इलाके में विकास की जिम्मेवारी धनबाद जिला परिषद् पर है. सदस्य यह मांग करते रहे कि आय -खर्च का विवरण उन्हें दिया जाए. जब भी मांग की जाती है कहा जाता है, उसे पूरा करने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन देने का समय 6 साल में भी नहीं आया. हाथियों का उत्पात ,बिजली की समस्या ,प्राक्कलन बनाने के बाद भी टेंडर नहीं करना ,जिला परिषद् के सील किये गए भवनों को पिक एंड चूज के आधार पर खोलने सहित आसान पर कई गंभीर आरोप सदस्यों ने लगाए .
अशोक सिंह ने आई एम ए ,इंटक भवन ,कांग्रेस ऑफिस के मुद्दे पर घेरा
मौके पर अशोक सिंह काफी मुखर दिखे. उनका आरोप था कि पिछली ही बैठक में प्रस्ताव पारित हो गया था कि आई एम ए ,इंटक भवन ,कांग्रेस ऑफिस को रेंट एकरारनामा कर भवनों को खोला जाएगा. आई एम ए,इंटक भवन ,कांग्रेस ऑफिस नहीं खोला गया. वहीं 12 अप्रैल '21 को जिला परिषद् बोर्ड की बैठक में एक सात सदस्यीय टीम बनाकर कांग्रेस ऑफिस के लिए भाड़ा निर्धारण सम्बन्धी स्वीकृति मांगी गई थी. इनमें चार सदस्यों ने अपनी स्वीकृति दे दी बावजूद मामले को लटका दिया गया. कहा गया कि इसमें अधिवक्ता की राय जरुरी है. अशोक सिंह ने प्रश्न किया कि अगर अधिवक्ता बहुचर्चित टेक्सटाइल मार्किट खोलने की राय दे सकते हैं,यूनियन क्लब खोलने की राय दे सकते हैं तो कांग्रेस भवन खोलने की राय में क्या अड़चन हो सकती है. उन्होंने कहा कि कोविड काल में डॉक्टरों ने जहां अपनी जान की परवाह किये बिना मानवता की सेवा की,कांग्रेस ऑफिस के बाहर टेंट लगाकर एम्बुलेंस सेवा दी ,यैसे समाज सेवा के कार्य में लगे लोगो के कार्यालय बंद है और टेक्सटाइल मार्किट जैसे बिज़नेस प्लेस,यूनियन क्लब को खोल दिया गया और बाकि मामलो में टालमटोल की वजह समझ से परे है. अशोक सिंह ने जिला परिषद् की आवंटित दुकानों में मांस ,मदिरा आदि बेचने का भी आरोप लगाया. उनके सवाल का कई सदस्यों ने समर्धन किया.
संतोष महतो ने पढ़ाया ईमानदारी का पाठ
संतोष महतो ने कहा कि जनता अपने क्षेत्र के विकास के लिए वोट देती है. जब हम विकास नहीं कर पा रहे हैं तो फिर जनता का सामना कैसे करेंगे. आसन पर बैठे लोगों से पारदर्शी इंतजाम की उम्मीद की जाती है. लगभग 6 सालों की अवधि में न हम विकास कर पाए और न ही जनता को सड़क.बिजली,पानी दे पाए. प्रियंका पाल ,दुर्गा दास सहित कुल लगभग 28 ज़िप सदस्य मौजूद थे. अध्यक्ष रोबिन गोराई बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे जबकि डीडीसी ,जिला अभियंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. काफी जद्दोजहद के बाद पहले से हर क्षेत्र के लिए पारित 20 लाख की योजना को त्वरित ढंग से पूरा करने का प्रस्ताव पारित हुआ. साथ ही एक करोड़ हर क्षेत्र के लिए पास किया गया लेकिन शर्त लगाई गई कि जिला परिषद् को राशि उपलब्ध होगी ,तभी इस पर अमल होगा.
रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद
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