केंद्र सरकार का श्रम कानून संशोधन मजदूर हित में, सरकारी कंपनियां बेचने बात महज अफवाह: भामसं


देवघर(DEOGHAR)-भारतीय मजदूर संघ की झारखंड प्रदेश स्तरीय कार्यसमिति की बैठक देवघर में आयोजित की गई है. बता दें कि इस दो दिनों तक चलने वाली कार्यसमिति की बैठक में संघ के राज्य स्तर के मजदूर नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. बैठक में मजदूरों और कामगारों से जुड़े मुद्दों पर गहन मंथन होने की संभावना है. बैठक में केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी हाथों में देने और हाल ही श्रम कानून में लाये गए बदलाव सहित कोरोना काल में संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों और प्रवासी मजदूरों के सामने आई समस्या पर भी चर्चा की जाएगी.
कोरोना काल की समस्याओं से निपटने में सफल रही भारत सरकार
मौके पर कोरोना काल में देश के मजदूरों और कामगारों के सामने आई समस्या की चर्चा करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कहा कि भारत सरकार इस समस्या से निपटने में सफल साबित हुई है. इसमें भारतीय मजदूर संघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी हाथों में बेचे जाने के सवाल पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह कांंग्रेस सरकार की देन है. हालांकि संघ इस निर्णय का विरोध करता है.
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी हाथों में बेचे जाने की बात है अफवाह
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल में श्रम कानून में किया गया संशोधन मजदूरों के हित में है. वहीं मौके पर मौजूद भारतीय मजदूर संघ के नेता और सारठ के भाजपा विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी हाथों में बेचे जाने की बात एक अफवाह है. भारतीय मजदूर संघ से जुड़े राजनेता सरकार की मजदूर संबंधी निर्णयों पर कड़ी नजर रखता है और मजदूरों के हितों की रक्षा करता रहा है.
रिपोर्ट:रितुराज सिन्हा,देवघर
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