छोटे कारीगरों के लिए बड़े कमर्शियल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म की तर्ज पर Deoghar Mart की शुरूआत, मेला या बाजार पर नहीं रहना पडेगा निर्भर

    छोटे कारीगरों के लिए बड़े कमर्शियल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म की तर्ज पर Deoghar Mart की शुरूआत, मेला या बाजार पर नहीं रहना पडेगा निर्भर

    देवघर(DEOGHAR) के स्थानीय लघु और कुटीर उद्योग से जुड़े कारीगरों को उनके उत्पाद के लिए बाजार उपलब्ध कराने की पहल शुरू की जा रही है. इसके लिए बड़े कमर्शियल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म की तर्ज पर Deoghar Mart  की शुरुआत की जा रही है.

    स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित सामानों को विश्व स्तर पर मिल सकेंगी ख्याति

    पिछले वर्ष लॉक डाउन की शुरुआत से लेकर आजतक जान-माल के नुकसान के साथ छोटे और मंझोले कारीगरों को अपनी रोजीरोटी का आधार छिन जाने से कठिन आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ा है. सारी आर्थिक गतिविधियां ठप्प रहने से इनके द्वारा बनाये जा रहे सामानों की बिक्री भी पूरी तरह से ठप्प रही. नतीजा है कि इनकी आमदमी का आधार तो छिन ही गया, इन पर कर्ज का बोझ भी बढ़ता चला गया. निराशा भरे इस माहौल में अच्छी बात यह है कि देवघर जिला प्रशासन अब इनकी मदद के लिए आगे आया है. इसके लिए बड़े कमर्शियल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म की तर्ज पर Deoghar Mart की शुरुआत की जा रही है. इसके लिए वेब साईट भी बना कर तैयार कर लिया गया है और इसका औपचारिक ट्रायल भी हो चुका है. इसके तहत यहां के पारम्परिक हस्तशिल्प, लघु एवं कुटीर उद्योग,पेड़ा उद्योग,लोहारगिरी उद्योग,मिट्टी के बर्तन निर्माण,बंबू उद्योग,लाह चूड़ी और लहठी उद्योग के साथ झारखंड राज्य आजीविका मिशन के तहत घर-घर महिलाओं द्वारा निर्मित उपयोगी समान और खिलौने को एक ग्लोवल मार्केट उपलब्ध कराने की योजना है. इस प्लेटफॉर्म के जरिये छोटे कारीगर अपने सामान बेच कर आर्थिक तंगी से उबर पाएंगे. साथ ही देश के साथ-साथ विश्व स्तर पर इनके द्वारा निर्मित सामानों को ख्याति भी मिल पाएगी. मुख्यमंत्री लघु-कुटीर उद्योग बोर्ड, झारखंड राज्य आजीविका मिशन सोसाइटी सहित उद्योग विभाग इसमें पूरा सहयोग कर रहा है.

    देवघर मार्ट के रूप में मिलेगा स्थायी बाजार

    हस्तशिल्प और अन्य सजावटी सामान बनाने वाले कारीगरों को देवघर मार्ट जैसी ताज़ा पहल से एक स्थायी बाजार मिलने की उम्मीद की जा रही है. देवघर के एक विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल होने के कारण प्रसाद के तौर पर पेड़ा का यहां करोड़ों का कारोबार है, लेकिन लॉक डाउन के दौरान मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहने से पेड़ा उद्योग भी काफी प्रभावित हुआ. अब देवघर मार्ट के जरिये उम्मीद की जा रही है कि यहां के पेड़ा की भी एक अलग ब्रांडिंग हो पायेगी साथ ही स्थानीय शिल्पकारों को भी अपना सामान बेचने के लिए मेला का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. जिला प्रशासन की इस नयी पहल से स्थानीय दुकानदार सहित कारीगरों में भी काफी उत्साह है.

    देवघर मार्ट की सफलता में मदद करेंगी सॉफ्टवेयर कंपनी

    बता दें कि इस पूरी योजना को धरातल पर उतारने के लिए एक सॉफ्टवेयर कंपनी से करार किया गया है. जो इस प्लेटफॉर्म को व्यावहारिक तौर पर वर्तमान में कार्यरत कई व्यावसायिक मार्केटिंग प्लेटफ़ॉर्म से प्रतिस्पर्धा करते हुए उनके बराबर खड़ा करने में मदद करेगी.

    रिपोर्ट:रितुराज सिन्हा,देवघर


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