जंजीरों में बांध कर इमामबाड़ा में मानसिक रोगी का किया जा रहा इलाज, कौन हैं इसके गुनाहगार ?


जमशेदपुर ( JAMSHEDPUR) इक्कीसवीं सदी के भारत में ऐसी तस्वीरों को देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. ये तस्वीर झारखंड के जमशेदपुर की है, जहां जंजीरों में जकड़ी युवती को देखकर आप दंग रह जाएंगे. युवती मानसिक रोगी है. लेकिन उसका इलाज रांची के रिनपास के बजाय एक इमामबाड़ा में कराया जा रहा है, जहां उसे जंजीरों में बांध कर रखा गया है. इमामबाड़ा में ही उसका इलाज झाड़फूंक के जरिए किया जा रहा है. परिजन और मुहल्ले के लोगों का कहना है कि युवती शैतानी ताकतों के शिकंजे में है और शैतानी हरकतें करती है. इसलिए उसे इमामबाड़ा को सौंप दिया गया है. जहां रकिब नाम के एक व्यक्ति उसका झांड़फूंककर इलाज कर रहे हैं. दिलचस्प बात यहै कि मानसिक रोगी युवती अपना नाम-पता सबकुछ सामान्य युवती की तरह बता रही है, यहां तक कहती है कि सभी लोग उसे पगली और भूतनी समझते हैं. इसलिए इस हाल में रखा है.
इमामबाड़ा में रूहानी शक्तियों के इलाज का दावा
यह इलाका जमशेदपुर का बिष्टुपुर में आता है. रईसों के इस इलाके में इमामबाड़े से लड़की को बरामद किया गया है. इमामबाड़े के कर्ता-धर्ता यहां रूहानी शक्तियों से ग्रसित मरीजों का इलाज करने का दावा करते हैं. यहां तक कि लड़की के परिजन भी मान चुके हैं कि उसके शरीर में शैतान का वास है. इसलिए उसे इमामबाड़े के जिम्मे सौंप दिया है, जहां उसके साथ क्या हो रहा है उसे आप भी इस वीडियो में देख सकते हैं. पूछने पर पीड़िता ने बताया कि उसे यहां किसी रकिब नामक व्यक्ति ने जंजीर से बांध रखा है. दूसरी ओर वहां मौजूद एक व्यक्ति से पूछा गया, तो उसने कहा कि युवती शैतानी हरकत करती है. अपने माता-पिता को पीटा है. यह शैतानी ताकत के कब्जे में है. युवती के पिता भी यही मानते हैं. युवती की बहन कहती है कि उसकी दिमागी हालत ठीक है, लेकिन उसे शैतान ने पकड़ लिया है. स्थिति यह है कि विज्ञान और मेडिकल साइंस जहां इतनी तरक्की कर चुका है, वहीं आज भी अंधविश्वास और आडंबर को मानने वालों की कमी नहीं है. रांची के रिनपास में देश भर के मानसिक रोगी का इलाज किया जाता है. इसके बावजूद जमशेदपुर की एक मानसिक रोगी के साथ इस तरह अमानवीय व्यवहार करना किसी तरह से न्यायोचित नहीं कहा जा सकता है.
रिपोर्ट : पीयूष कुमार,जमशेदपुर.
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