सूर्यदेव सिंह व सकलदेव  सिंह के बेटे क्या भुला देना चाहते है पुरानी अदावत

    सूर्यदेव सिंह व सकलदेव  सिंह के बेटे क्या भुला देना चाहते है पुरानी अदावत

    धनबाद (Dhanbad) सूर्यदेव सिंह और सकलदेव सिंह का परिवार क्या पुरानी दुश्मनी को भुला देना चाहता हैं या फिर मज़बूरी में दोनों परिवार  के युवराज दिल में घाव हरा लिए  हाथ मिला रहे है. चूंकि हुआ यह कि बीते दिन सिजुआ में  सूर्यदेव सिंह के छोटे बेटे सिद्धार्थ  व सकलदेव सिंह के पुत्र रणविजय मिलें.
    रणविजय सिंह ने सिद्धार्थ  गौतम का गर्मजोशी से स्वागत किया. यहीं से कोयलांचल के लोग तरह तरह की चर्चा करने लगे.दरअसल ,सिजुआ में प्रदेश स्तर पर हिंद मजदूर सभा के  अधिवेशन को लेकर एक बैठक आहूत की गई ।बैठक में एचएमएस  से जुड़ी यूनियनों के पदाधिकारी  उपस्थित थे.  बिहार जनता खान मजदूर संघ के महामंत्री रणविजय सिंह एवं जनता मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री सिद्धार्थ गौतम भी सम्मिलित हुए. दोनों साथ साथ  बैठकर बातें की.  साथ-साथ कार्यक्रम को सफल बनाने की योजनाएं बनाई. दोनों ने कहा कि एचएमएस  को मजबूत बनाना है. यह सेंट्रल ट्रेड यूनियन है. बिहार जनता खान मज़दूर संघ के महामंत्री रणविजय हैं, जो एचएमएस से सम्बद्ध है. जनता मजदूर संघ से जुड़े है  सिद्धार्थ. यह भी एचएमएस से सम्बद्ध  है. लोग चर्चा कर रहे है कि कही एचएमएस के अधिवेशन के बहाने यूथ  लविंग ,कोई नया समीकरण तो नहीं बना रहा है . दोनों युवा राजकुमार कोयलांचल की जमीन पर अपनी राजनीतिक भविष्य तलाश रहें है. यहाँ बता दें कि सूर्यदेव सिंह और सकलदेव सिंह में गलाकाट दुश्मनी  क़ो कोयलांचल अभी नहीं भूल पाया है.  रणविजय सिंह की पिता की हत्या का आरोप सिंह मेन्शन के रामधीर सिंह और सिद्धार्थ के बड़े भाई राजीव रंजन पर लगा था. कोर्ट में गवाहों को सुऱक्षित ले जाने में रणविजय सिंह ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी. सकलदेव सिंह की हत्या 25 जनवरी 1999 को फ़िल्मी स्टाइल में दिनदहाड़े कर दी गई थी.


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