पूर्वी भारत के टॉप टूरिस्ट डेस्टीनेशन में शुमार मसानजोर डैम की स्थिति बदहाल कौन हैं इसके जिम्मेदार !

    पूर्वी भारत के टॉप टूरिस्ट डेस्टीनेशन में शुमार मसानजोर डैम की स्थिति बदहाल कौन हैं इसके जिम्मेदार !

    दुमका(DUMKA)-झारखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल है मसानजोर डैम, मसानजोर डैम की खूबसूरत वादियां इन दिनों पर्यटकों को अपनी ओर लुभा रहा है, लेकिन कोरोना संकट के कारण इस वर्ष काफी कम संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं,

     

    1950 के दशक में हुआ था मसानजोर डैम का निर्माण

    दुमका जिला मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर दूर स्थित है मसानजोर डैम. मयूराक्षी नदी पर 1950 के दशक में मसानजोर डैम का निर्माण कराया गया था. कनाडा सरकार के सहयोग से इस डैम का निर्माण होने के कारण इसे कनाडा डैम की कहते हैं. डैम के निर्माण का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल के बीरभूम उसके आसपास के जिलों में सुखाड़ की समस्या का स्थाई समाधान करना था. यह डैम भले ही झारखंड राज्य में स्थित है लेकिन इस पर आधिपत्य पश्चिम बंगाल सरकार का है.

    प्रकृति की गोद में बसा मसानजोर डैम

    प्रकृति की गोद में बसा मसानजोर डैम दुमका झारखंड का प्रमुख पर्यटक स्थल है यहां की खूबसूरत वादियां पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है ऊंची ऊंची पहाड़ियों पर हरे भरे पेड़ और विशाल जल संग्रह आकर्षण का मुख्य केंद्र बिंदु है वैसे तो मसानजोर डैम में पर्यटकों के आने का सिलसिला सालों भर जारी रहता है लेकिन जुलाई से लेकर फरवरी तक यहां सर्वाधिक पर्यटक आते हैं इसका मुख्य कारण यह है की श्रावणी मेला में जो श्रद्धालु कांवर लेकर देवघर और बासुकीनाथ जल अर्पण करते हैं बासूकीनाथ  के बाद अधिकांश श्रद्धालु पश्चिम बंगाल के तारापीठ पूजा करने जाते हैं और तारापीठ जाने के क्रम में मसानजोर डैम की खूबसूरती भर बस उन्हें अपनी ओर आकर्षित कर लेता है दिसंबर जनवरी के महीने में काफी संख्या में पर्यटक पिकनिक मनाने के लिए मसानजोर डैम पहुंचते हैं.  बरसात के दिनों में जब डैम में पानी भर जाता है तो डैम की सुरक्षा के मद्देनजर फाटक खोल कर पानी निकासी की जाती है. डैम के सभी गेट खुलने के बाद ऊंची ढाल से पानी गिरने के बाद जो गौफ बनाता है उसकी खूबसूरती देखते बनती है.

     

    7 दशक पुराने इस पर्यटन स्थल पर है सुविधाओं की कमी

     यहां आने वाले पर्यटकों को यहां की व्यवस्था देख मायूसी ही मिलती है लगभग 7 दशक पुराने इस पर्यटन स्थल पर सुविधाओ का टोटा है वैसे तो यहां पश्चिम बंगाल और झारखंड सरकार दोनों का अपना अपना गेस्ट हाउस है लेकिन यह आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता है. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद करना लोग नहीं भूलते  हैं,मसानजोर डैम की चर्चा उस वक्त देश विदेश तक फैल गयी जब भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी 90 के दशक में रथयात्रा पर निकले थे बिहार में लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार करने के बाद मसानजोर डैम के समीप गेस्ट हाउस में उन्हें नजरबंद कर रखा गया था. उस वक्त मसानजोर डैम बिहार में था. आज भी यहां आने वाले लोग उस गेस्ट हाउस का दौरा करना नहीं भूलते.

     


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