जैविक विधि से एक लाख पौधा तैयार करने के लिए नर्सरी का शुभारंभ

    जैविक विधि से  एक लाख पौधा तैयार करने के लिए नर्सरी का शुभारंभ

    धनबाद-(DHANBAD)-राजगंज पंचायत के सुदूर आदिवासी गाँव लेदोडीह में युवा कृषक अलसा सोरेन , रामलाल मुर्मू और देवचंद मुर्मू के निजी प्रयास से आधुनिक मिट्टी रहित नर्सरी का शुभारंभ हुआ. इसका उद्घाटन वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा और राजगंज पैक्स अध्यक्ष वंदना देवी ने नर्सरी में पहला बीज डालकर किया । इस पौधा घर के शुभारंभ में कोपल का सहयोग उल्लेखनीय है । इस नर्सरी में जैविक विधि से एक बार में एक लाख पौधा तैयार किया जाएगा.शुरूआत टमाटर की पौधा उत्पादन से की गई है. भविष्य में मिर्च, मूली, गाजर, बिट, पालक आदि का पौधा तैयार किये जाने की भी योजना है .

                  आधुनिक मिट्टी रहित नर्सरी का शुभारंभ हुआ

     

    आदिवासी कृषक कर रहे हैं आधुनिक तकनीक से उन्नत कृषि

    वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय झा ने कहा कि इस पिछड़े गांव में स्थानीय आदिवासी कृषको द्वारा आधुनिक तकनीक से उन्नत कृषि का प्रयास सराहनीय है. इसमें कोपल का सहयोग और कृषि क्रांति अभियान आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए वरदान साबित होगा . कोपल के संस्थापक अशोक सिंह ने कहा कि सरकार की योजना से अलग हटकर निजी स्तर पर बांस बंबू के प्रयोग से आदिवासी युवाओ द्वारा काफी कम लागत में पौध घर का निर्माण सराहनीय है.

                  वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय झा उद्घाटन करते हुए

     

      ग्रीन हाउस की लागत होती है लाखों में

    अमूमन सरकारी योजनानुसार ग्रीन हाउस ( पौधा घर ) की लागत लाखों में होती है .वहीं राजगंज के सुदूर गांव लेदोडीह में आदिवासी कृषकों द्वारा महज पैंतालीस से पचास हजार की लागत पर आधुनिक पौध घर का निर्माण चर्चे में है कह सकते है की सरकारी योजनाओं के तुलना में काफी कम लागत पर यह प्रयास  कापी सराहनीय है.

     


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