बोकारो का एक इंजीनियर कर रहा है दुर्लभ मेडिसिनल प्लांट की खेती,देखकर एग्रीकल्चर के कई महारथी सोचने पर मजबूर 

    बोकारो का एक इंजीनियर कर रहा है दुर्लभ मेडिसिनल प्लांट की खेती,देखकर एग्रीकल्चर के कई महारथी सोचने पर मजबूर 

    बोकारो|बोकारो ज़िले के कसमार प्रखंड के दातु गांव के रहने वाले 24 वर्षीय प्रसेनजीत कुमार अनोखे मेडिसिनल प्लांट्स उगाने के कारण इन दिनों  चर्चा में है । इस युवा ने अपने सोच, मेहनत और जूनून से वो कर दिखाया है, जिसे देखकर एग्रीकल्चर के फील्ड में काम करने वाले कई महारथी सोचने पर मजबूर हो गए।

    नोनी नामक मेडिसिनल प्लांट को छोटे से फार्म में उगाकर किया अचंभित

                                        दुर्लभ मेडिसिनल प्लांट्स का कर रहे हैं फार्मिंग


    मात्र 24 की उम्र में मेडिसिनल प्लांट  छोटे से फार्म में उगाकर किया सबको अचंभित

    कहते है हर छोटी जीत के पीछे,बड़ी विश्वास छिपी होती है और ऐसा ही कुछ कर दिखाया है झारखंड राय विश्वविद्यालय से एग्रीकल्चर में ग्रैजुएट कर चुके प्रसेनजीत  ने। (B. Sc. Agriculture) प्रसेनजीत नोनी नामक एक मेडिसिनल प्लांट अपने छोटे से फार्म में उगाकर सबको अचंभित कर दिया। 24 साल के  प्रसेनजीत कुमार अनोखे मेडिसिनल प्लांट्स उगाने के कारण इन दिनों  चर्चा में हैं। इस युवा ने अपने सोच, मेहनत और जूनून से वो कर दिखाया है, जिसे देखकर एग्रीकल्चर के फील्ड में काम करने वाले कई महारथी सोचने पर मजबूर हो गए।

     

    नोनी नामक मेडिसिनल प्लांट को छोटे फार्म में उगाकर किया अचंभित कर दिया

                                       नोनी नामक मेडिसिनल प्लांट को छोटे फार्म में उगाकर किया अचंभित कर दिया

     


    ज्ञान और मेहनत  से किया प्रयोग अब कर रहे है फार्मिंग 

    नोनी,एक फल है जिसे हम Indian Mulberry के नाम से भी जानते है।बताया जाता है कि इस फल और इसके पौधे को खोजना आसान नहीं है। क्योंकि आप हर जगह नोनी को उगा नहीं सकते हैं। इसे सिर्फ कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में ही उगाया जाता है। क्योंकि नोनी के बीजों को अंकुरित होने के लिए ट्रॉपिकल तापमान की ज़रूरत होती है। लेकिन प्रसेनजीत ने अपने ज्ञान और मेहनत से न सिर्फ इसे उगाया बल्कि अब इसकी फार्मिंग भी कर  रहे हैं । प्रसेनजित, जीवनबोध एग्रोटेक के संस्थापक है। उन्होंने 2019 में अपनी एग्रीकल्चर की पढ़ाई खत्म कर सबसे पहले स्टेविया (मीठी तुलसी) पर काम कर सफलता हासिल की।और अब नोनी पर फोकस कर अपनी नई पहचान गढ़ रहे हैं।

    नोनी,एक देशी फल है

                                ट्यूमर और कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने में मददगार है 

     

    नोनी,एक देशी फल है,जिसका उपयोग आयुर्वेदिक उपचार में हजारों वर्षों से किया जाता रहा है

    नोनी,एक देशी फल है। जिसका उपयोग अपने देश में आयुर्वेदिक उपचार के लिए हजारों वर्षों से किया जा रहा है। यह फल,अमीनो एसिड, विटामिन सी और पेक्टिन सहित, कई पोषक तत्वों से भरा होता है।ट्यूमर और कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और बालों की अच्छी ग्रोथ में भी यह फायदेमंद साबित होता है।

     

    मेडिसिनल प्लांट की खेती ने दिलाई पहचान  

                                                   मेडिसिनल प्लांट की खेती ने दिलाई पहचान  

     

    नोनी है एक संजीवनी फल, असंभव को संभव बनाया,मेडिसिनल प्लांट की खेती ने दिलाई पहचान  

    प्रसेनजीत की माँ एक आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं और ट्रेडिशनल रेसिपीज़ से बीमारियों का इलाज करती हैं। उनकी माँ की मानें तो नोनी उगाने जैसे असंभव काम को संभव बनाने के लिए अपने कॉलेज के प्रोफेसरों की मदद लिया । प्रसेनजीत ने कहा कि हमने कॉन्संट्रटेड सल्फ्यूरिक एसिड खरीदा और बीजों को उसमें डुबाकर, इसके बाहरी आवरण को हटा दिया। पॉलीहाउस में 200 बीजों को अलग-अलग पौधों के कंटेनरों में रखा गया और 50 दिनों के भीतर उनमें से 116 अंकुरित हो गए। और इस तरह से प्रसेनजीत नोनी के फार्मिंग को बढ़ावा दे कर अपनी पहचान बना रहे हैं

    रिपोर्ट- चुमन कुमार,बोकारो

     


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