1932 हेमंत सोरेन का राजनितिक मुद्दा है, लेकिन इसे पूरा करने का  मादा नहीं - सुदेश

    1932 हेमंत सोरेन का राजनितिक मुद्दा है, लेकिन इसे पूरा करने का  मादा नहीं - सुदेश

    रांची(RANCHI): विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर आजसू युवाओं को गोलबंद करने में जुट गया है. इसी कड़ी में आज केंद्रीय कार्यालय में मिलन समारोह आयोजन कर सैकड़ो युवाओं को आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने पार्टी की सदस्यता दिलाई है. इस कार्यक्रम में आजसू नेताओं ने युवाओं को आगे आकर राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया. इस दौरान आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने युवाओं को गोलबंद होकर हेमंत सरकार के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने की बात कही. इस सम्मेलन में सुदेश महतो ने युवाओं में जोश भरने का काम किया.

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं के लिए काफी अहम है. आज SKILL दिवस है, और इस स्किल दिवस पर ही युवाओं का सीधे तौर पर राजनीति से जुड़ कर राजनीति को बेहतर करने के लिए युवाओं का हुजूम जुड़ रहा है. जिस तरह से राज्य की राजनीति में अच्छे स्किल की कमी है. उसी कमी को युवा दूर करने का काम करेंगे.

    युवाओं के हित के लिए राज्य सरकार ने नहीं किया कार्य

    साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह से युवाओं के हित में राज्य सरकार ने एक भी कार्य नहीं किया है. सभी लोगों को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है. लेकिन उन्हें अन्य माध्यमों से रोजगार देने का दायित्व सरकार का है. आखिर तीन वर्षों के कार्यकाल में हेमन्त सोरेन सरकार ने क्या किया है. आज तक एक नियोजन और स्थानीय नीति लागू नहीं कर पाना इस सरकार की सबसे बड़ी कमी है.

    इस सरकार में बच्चों के 10 वी  के बाद पढ़ाई का कोई व्यवस्था नहीं है. इस वर्ष 5 लाख बच्चे 10वी पास हुआ है. लेकिन अब आगे की पढ़ाई के लिए दर-दर भटक रहे है. पिछले वर्ष के छात्रों को सरकारी स्कूल में किताब और साईकल नहीं दी गई है. यह राज्य बिना किसी रोड मैप के चल रहा है. यह राज्य के युवाओं के लिए घातक है. अब सिर्फ सरकार डुमरी चुनाव के लिए तैयारी में जुटी है. और डुमरी में मुख्यमंत्री ने भाषण दिया कि 1932 का मुद्दा हमारा है. लेकिन उस मुद्दे को पूरा करने का उनके पास मादा नहीं है.  

    रिपोर्ट. समीर हुसैन  


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