DHANBAD: अतिक्रमण अभियान: तपती धूप में घर से बेघर हुए लोगों की स्थिति बेहाल, जानिए उनकी व्यथा


धनबाद(DHANBAD) : छोटे-छोटे बच्चे भूखे हैं. आसमान के नीचे दिन और रात गुजार रहे है. इस तपती गर्मी में भी उनके सिर के ऊपर एक तिरपाल तक नहीं है. घर है, खाने के सामान भी हैं लेकिन घर सील है. यह परेशानी हाउसिंग कॉलोनी के उन परिवारों की है जिनके घर सोमवार को सील किए गए है. बच्चों की आंखों में आंसू है, महिलाएं रो रही हैं, घर के पुरुष या तो ठिकाना तलाश रहे हैं या अधिकारियों के दरवाजा खटखटा रहे हैं.

कौन देगा सहारा
बेघर हुए लोग जनप्रतिनिधियों को भी जगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सहारा अभी तक नहीं मिला है. इस तपती गर्मी में जहां सड़क पर दो-चार मिनट चलना भी हिमालय पर चढ़ने के समान है, ऐसी स्थिति में इस धूप में उस परिवार, उन बच्चों का क्या हाल है. यह तो सहज अंदाज ही लगाया जा सकता है.
घर से बेदखल
जो परिवार बेदखल हुए हैं, उनका कहना है कि उनके पास जमीन के कागजात हैं. उनके नाम से म्यूटेशन है, पानी का कनेक्शन है, बिजली का कनेक्शन है, निगम को टैक्स देते हैं, बिजली बिल का भुगतान करते हैं, सरकार को जमाबंदी का पैसा देते है. फिर अचानक अतिक्रमण कारी कैसे हो गए. किसी के बाप-दादा ने घर बनवाया है तो किसी के ससुर ने. बावजूद आज वह लोग उसी घर से बेदखल कर दिए गए हैं. जिस घर को वह अपना मान कर चल रहे थे. महिलाएं रो रही है और कह रही है कि सही में गरीबों को देखने वाला कोई नहीं है. क्योंकि प्रभावित लोग जनता मार्केट की तरफ भी उंगली उठा रहे है. उनका कहना है कि जनता मार्केट को तो नहीं तोड़ा गया, दुकानदारों को नहीं छेड़ा गया लेकिन हम गरीबों को सड़क पर ला दिया गया. कल दोपहर बाद से ही बच्चे भूखे हैं, महिलाएं भूखी हैं, बच्चे कह रहे हैं कि कोई खाना पहुंचा देता है, दे देता है तो खा लेते हैं, नहीं तो भूखे आसमान के नीचे पड़े हुए है. स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई बाधित है, क्योंकि स्कूल ड्रेस से लेकर किताबें सब घरों में सील है.
रिपोर्ट: शाम्भवी सिंह, धनबाद
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