अशर्फी अस्पताल में हंगामा, कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, पुलिस से भी उलझे, 2 हिरासत में
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धनबाद(DHANBAD) - धनबाद के अशर्फी अस्पताल में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ. अस्पताल के कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया. इतना ही नहीं, बाद में पहुंची पुलिस के साथ भी हाथापाई की गई ,एक जवान को चोट आने की बात भी कही जा रही है. पुलिस ने 2 लोगों को हिरासत में लिया है और दो गाड़ियों को जब्त किया है. जब्त गाड़ी में लाठी-डंडे रखे हुए है. आरोप है कि मारपीट करने वाले सिर्फ लाठी-डंडे ही नहीं , हथियार भी लहरा रहे थे. ऐसा करने वाले अपने को भाजपा नेता रमेश पांडे के आदमी बता रहे थे.
पुलिस के साथ झड़प
कुछ लोगों का यह भी कहना है कि रमेश पांडे के भाई भी घटना के समय मौजूद थे. स्थानियों की माने तो पुलिस के सामने भी अस्पताल के कर्मचारियों को पीटा गया. मामला यह है कि किसी मंटू पांडे की बेटी अस्पताल में 3 दिनों से भर्ती है. उसका नाम स्वीटी पांडे बताया जाता है. आज वह अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाली थी. इस घटना को तीन चक्र में अंजाम दिया गया. पहली बार सुबह 6:30 बजे के आसपास आईसीयू के कर्मचारी के साथ मारपीट की गई. अन्य को भी दौड़-दौड़ा कर पीटा गया. मारपीट करने के बाद 9:30 बजे अस्पताल की महाप्रबंधक डॉ स्वाति सिन्हा पहुंची तो फिर उनके साथ भी बकझक और मारपीट की गई. करीब 10 बजे के आसपास पुलिस पहुंची तो पुलिस के साथ भी झड़प हुई.
शराब के नशे में थे उड़दंगी
अशर्फी अस्पताल के महाप्रबंधक डॉक्टर स्वाति सिन्हा ने The Newspost को बताया कि हंगामा करने वाले शराब के नशे में थे. और यह घटना आज रमेश पांडे के नाम पर तीसरी बार की गई है. जब भी उनके लोग आते हैं अस्पताल में हंगामा करते है. आज जब अस्पताल के कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया तो उन्होंने भी रमेश पांडे से संपर्क किया और बच्ची को किसी हायर सेंटर में ले जाने की बात कही, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. डॉ स्वाति सिन्हा के अनुसार हंगामा करने वाले लोग लाठी-डंडे, बंदूक के साथ पहुंचे थे.
धनबादवासी भरेंगे खामियाजा !
पुलिस पर भी उन लोगों ने हाथ उठाया. इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन की ओर से एफ आई आर करने की तैयारी की जा रही है. डॉ स्वाति सिन्हा धनबाद वासियों से अपील की कि ऐसे लोगों के खिलाफ धनबाद वासी अगर खड़े नहीं होंगे तो धनबाद कभी आगे नहीं बढ़ सकता है. हम लोग भी अपना घर, परिवार, बाल- बच्चा छोड़कर लोगों की सेवा के लिए काम करते है. ऐसे में अगर डॉक्टरों, अस्पताल कर्मियों के साथ मारपीट की जाएगी तो फिर इसका खामियाजा तो धनबाद वासियों को ही भुगतना होगा.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह, धनबाद
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