वट की छांव तले 16 शृंगार में सुहागिनों का संगम, पति की दीर्घायु व ऐश्वर्य का मांगा वरदान


झुमरी तिलैया (JHUMRI TILAIYA):भारतीय संस्कृति में वैवाहिक जीवन के लिए एक अनूठी और खूबसूरत व्रत, वट सावित्री व्रत है. पौराणिक मान्यता है की सुहागिन महिलाए अपने अमर सुहाग की कामना करने के लिए 16 श्रृंगार करते हुए वट वृक्ष में वट सावित्री व्रत करती है. भले ही यह पर्व पति के दीर्घायु के लिए पत्नी करती हो लेकिन यह पति के प्रति समर्पण भावना को भी बल देता है. कोडरमा समेत पूरे झारखंड में मान्यता का यह पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया, जहां सूर्योदय के साथ ही सभी वट वृक्ष के नीचे सुहागिनों का संगम देखा गया.
महिलाए पूरी श्रद्धा से बरगद के वृक्ष पर जल फूल अक्षत कुमकुम आदि चढ़ा कर वृक्ष के चारों ओर परिक्रमा करती हुई कच्चे धागे बांधे, पुनः वट सावित्री का पाठ सुनकर पूजा का समापन किया.
इधर झुमरी तिलैया के अनेक वटवृक्ष स्थलों के साथ कोडरमा, डोमचांच, जयनगर, मरकच्चो और सतगंवा प्रखंड के ग्रामीण और शहरी इलाकों में सुहागिनों ने वट सावित्री की पूजा आराधना करते हुए अमर सुहाग की कामना की.शालिनी गुप्ता ने भी वट सावित्री की पूजा की ओर क्षेत्र के सभी सुहागिन महिलाओंको व्रत की शुभकामनाएं दी.
रिपोर्ट: अमित कुमार झुमरी तिलैया/तिलैया
4+