सांसद-विधायक से अधिक गांव की सरकार में दिलचस्पी, बड़े दिग्गजों के परिजन को जनता ने दिखाया बाहर का रास्ता

    सांसद-विधायक से अधिक गांव की सरकार में दिलचस्पी, बड़े दिग्गजों के परिजन को जनता ने दिखाया बाहर का रास्ता

     धनबाद(DHANBAD) - 2019 में धनबाद लोकसभा के चुनाव में कुल 61% वोटिंग हुई थी, जबकि 2022 के पंचायत चुनाव में वोटिंग का  प्रतिशत अधिक अंकित हुआ  है. आंकड़ों के मुताबिक टुंडी में 73 ,पूर्वी टुंडी में 75, तोपचांची में 72 .  33, बाघमारा में 70 , ग्यार कुंड में 64 .  33, निरसा में 74.6 2, कलियासोल में  78. 9   बलियापुर में 79.2, धनबाद में 66.73 और गोविंदपुर में 78.39% मतदान हुआ है.  

    बता दें कि शुक्रवार को गोविंदपुर और निरसा में मतदान के साथ ही पंचायत चुनाव का समापन हो गया है.  4 चरणों में हुए पंचायत चुनाव में वोटरों में गजब का उत्साह दिखा.  2019 के सांसद- विधायक के चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो साफ पता चलता है कि वोटरों ने गांव की सरकार चुनने में अधिक रूचि दिखाई है.  2022 के पंचायत चुनाव में 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से अधिक वोट पड़े है.2019 के लोकसभा में जहां 61 प्रतिशत वोटिंग हुई ,वही विधानसभा चुनाव में बाघमारा में 62 . 01 प्रतिशत ,निरसा में 67. 55 ,सिंदरी में 70. 12 ,धनबाद में 52. 69 ,टुंडी में 69 और झरिया में 51. 96 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. बता दें कि इस बार पंचायत चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में  बदलाव की बयार बह रही है.

      पद पर रहते हुए जिन  प्रतिनिधियों ने जनता की बातें नहीं सुनी, उनको जनता इस बार बाहर का रास्ता दिखाने से तनिक परहेज नहीं कर रही है.  पंचायत चुनाव में इस बार अधिकतर नए चेहरों को मौका मिला है.  बड़े-बड़े दिग्गज और  उनके समर्थक चुनाव हार गए है. टुंडी विधायक मथुरा महतो  के भगिना  और पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो की पुत्रवधू भी चुनाव हार गई है. मुखिया के चुनाव में भी भारी बदलाव देखने को मिल रहा है, हालांकि अंतिम चरण के चुनाव की वोटों की गिनती 31 मई से शुरू होगी. 



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