गांव की सरकार : रिक्शा चालक कृष्णा पातर बने मुखिया जी, जानिए कैसे संघर्ष रंग लाया

    गांव की सरकार : रिक्शा चालक कृष्णा पातर बने मुखिया जी, जानिए कैसे संघर्ष रंग लाया

    रांची (RANCHI) : रिक्शा चालक कृष्णा पातर मुंडा को अब तक पुरनानगर के लोग प्यार से मुखिया कह कर बुलाते थे. कल से वे अधिकारिक तौर पर राहे प्रखंड क्षेत्र के राहे पंचायत के मुखिया जी हो गए हैं.

    चंदा करके खरीदा मोबाइल

    कृष्ण पातर मुंडा पिछले कई वर्षों से रांची में रिक्शा चला रहे हैं. जब पंचायत चुनाव की बात आई तो गांव वालों ने उन्हें भी चुनाव में खड़ा होने को कहा. लेकिन कृष्ण उलझन में पड़ गए कि चुनाव लड़े तो कैसे लड़ें. यहां तो रोज कुआं खोदो और रोज प्यास बुझाओ वाली हालत है. एक साइकिल तक अपनी नहीं. पर ग्रामीणों ने उनका हौसला पस्त नहीं होने दिया. चंदा करके एक मोबाइल भी खरीद दिया. संघर्ष रंग लाया और कृष्ण पातर पंचायत चुनाव जीत गए.

    हर वर्ग के लिए काम का वादा

    कृष्ण कहते हैं कि अब तक जनप्रतिनिधि की प्राथमिकता सूची में गरीब का नंबर सबसे बाद में आता था. गरीब परिवार से हूं, इसलिए गरीबों की दर्द और उनकी जरुरतें समझता हूं. अब गरीब सहित हर वर्ग के भले के लिए काम करूंगा.

     


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