बन गया इतिहास : आईआईटी आईएसएम से माइनिंग इंजीनियर बनी 9 लड़कियां, अब वर्कप्लेस पर दिखाएंगी टैलेंट

    बन गया इतिहास : आईआईटी आईएसएम से माइनिंग इंजीनियर बनी 9 लड़कियां, अब वर्कप्लेस पर दिखाएंगी टैलेंट

    धनबाद (DHANBAD) : धनबाद का आईआईटी आईएसएम, 2017 के पहले माइनिंग इंजीनियरिंग में केवल लड़के ही नामांकन लेते थे लेकिन 2018 में यह  व्यवस्था बदल गई.  पहली बार 2018 में 9 लड़कियों ने माइनिंग इंजीनियरिंग में नामांकन लिया और 4 साल बाद 2022 में वह सभी माइनिंग इंजीनियर  बन गई.  इतना ही नहीं, पहले बैच में नामांकन कराने वाली सभी 9 लड़कियों ने माइनिंग की चुनौती को स्वीकार की और पढ़ाई पूरी करने के बाद  कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी हासिल कर ली है.  

    रविवार को उन्हें संस्थान से विदाई दी गई.  बता दें कि 1926 में स्थापित इस संस्थान में माइनिंग इंजीनियरिंग में वर्ष 2017 के पहले सिर्फ लड़के ही नामांकन लेते  थे.  माइनिंग इंजीनियरिंग में लड़कियों के नामांकन लेने पर प्रतिबंध था.  माइनिंग एक्ट में बदलाव के बाद लड़कियों को भी माइनिंग इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने का मौका मिला.  2018 में 9 लड़कियों ने एडमिशन  लिया, 2019 में 17 लड़कियों ने नामांकन कराया है.  

    उसके बाद के बैच  में भी लड़कियां पढ़ाई कर रही हैं.  माना जाता है कि माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी में भी काफी चुनौतियां हैं.  इन चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस रखने वाली लड़कियां ही माइनिंग की पढ़ाई कर रही हैं.  हालांकि 2018  में नामांकन लेने वाली सभी 9 लड़कियों का उत्साह चरम पर है और वे आगे भी इसी फील्ड में रहना चाहती हैं. 


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