गुमला (GUMLA) : अनाथ ऐसा शब्द है जिसको सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. सिर पर से माता-पिता का हाथ उठ जाने से बड़ा भला क्या दुर्भाग्य होगा. गुमला जिले में एक साथ 4 बच्चियों के अनाथ हो जाने का मामला सामने आया है. मामला गुमला के आंजन गांव का है जहां चार अनाथ बच्चियाँ माता पिता की मृत्यु के बाद अपनी नानी के पास रहती हैं.
6 माह पहले माँ और अब 1 दिन पहले पिता की मृत्यु
अनाथ बच्चियों को जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी ने मानवता दिखाते हुए इनका लाल कार्ड बनवा दिया है और ये सभी अपनी गरीब नानी के पास रहती हैं. इनकी मां की मौत 6 माह पूर्व हो गई थी और कल पिता का साया भी बच्चियों के सर से उठ गया. सदर प्रखंड के आंजन गांव मृतक भिखनु महली की चार मासूम बच्चियाँ हैं जिनका लालन पालन वह खुद भी काफी दिक्कत से कर पाता था. छह माह पूर्व उसकी पत्नी की भी मौत हो गयी थी, जिसका दाह संस्कार भी काफी मुश्किल से कर पाया था. वहीं भिखनु महली की मौत भी बिगत रविवार को शराब पीने के कारण हो गयी.
आपूर्ति पदाधिकारी ने की मदद
भिखनु के मृत्यु की जानकारी जब जिला के आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी को मिली तो उन्होंने मानवता दिखाते हुए सभी बच्चियों को बुलाकर पहले तो उनका राशन कार्ड बनवाया. उसके बाद उन्हें चॉकलेट और बिस्कुट देकर इन्हें प्रशासन से पूरी मदद करवाने की बात कही. वहीं बच्चियों के मौसा ने कहा कि प्रशासन अगर इनकी मदद नहीं करेगा तो इन बच्चियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. वहीं उन्होंने डीएसओ द्वारा किये गए कार्य की सराहना की, उन्होंने कहा कि अब इन्हें दो वक्त का भोजन मिल पाएगा.
रिपोर्ट : सुशील कुमार सिंह, गुमला
Thenewspost - Jharkhand
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