न कर्मियों को खबर, न डॉक्टरों को.... और बेड पर से गायब हो गया मरीज !

    न कर्मियों को खबर, न डॉक्टरों को.... और बेड पर से गायब हो गया मरीज !

    गिरिडीह (GIRIDIH) : डुमरी रेफरल आस्पताल गिरिडीह के डुमरी प्रखण्ड का एक मात्र चिकित्सीय सेवा देने वाला सरकारी अस्पताल है. लेकिन यहां सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सकों की लापरवाही से कई घटनाएं घट चुकी है. बावजूद इसके यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था में न तो कोई बदलाव हुआ और न ही यहां स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सकों ने कोई सबक लिया. इसी कड़ी में ताज़ा मामला गुरुवार का है.  जिसने डुमरी रेफरल आस्पताल की बिगड़ी व्यवस्था को कायम रखने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की लापरवाही को उजागर किया है. 

    क्या  है मामला

    हुआ यूं कि जमशेदपुर टाटानगर निवासी रतन चतुर्वेदी पिता विजय चतुर्वेदी जो वाराणसी में पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से  टाटानगर  के लिए रवाना हुए. इसी बीच रतन चतुर्वेदी किसी नशा खुरानी गिरोह के चंगुल में फंस गए और नशा खुरानी गिरोह के लोगों द्वारा इन्हें नशीला पदार्थ दिया गया.  रतन चतुर्वेदी बेहोश हो गए. उनकी हालत देख अगल बगल की सीट में बैठे यात्रियों द्वारा इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी गई. रेलवे पुलिस पारसनाथ रेलवे स्टेशन में इस व्यक्ति को रेलवे प्रबंधन पारसनाथ को सौंपते हुए आगे बढ़ गई. इधर पारसनाथ रेलवे प्रबंधन द्वारा इसकी सूचना डुमरी पुलिस को दी गई. डुमरी पुलिस द्वारा इस व्यक्ति को डुमरी रेफरल अस्पताल में भर्ती करवाया गया. जहां चिकित्सकों ने आवश्यक दवाइयां देते हुए स्लाइन चलाना शुरू किया.  कुछ घंटों के बाद वह व्यक्ति अपने बेड से ही गायब हो गया. इसके बाद अस्पताल में इस घटना की चर्चा होने लगी. इस घटना की सूचना जब पत्रकारों को मिली तब पत्रकार भी छानबीन करने लगे. लेकिन भर्ती मरीज रतन चतुर्वेदी का कुछ पता नहीं चला. इससे साफ पता चलता है कि डुमरी रेफरल अस्पताल में घोर लापरवाही व्याप्त है. इस संबंध में डिप्टी दे रहे हैं जितेंद्र सिंह ने कहा कि डुमरी पुलिस द्वारा उस व्यक्ति को भर्ती करवाया गया था. लेकिन वह अपने बेड से बिना कहे पूछे कहां भाग गया है जिसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है. 

    रिपोर्ट : दिनेश कुमार, गिरिडीह



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