धनबाद के राजेंद्र सरोवर को बदबूदार 'बेकार बांध' बनने से रोकिये हुजूर !
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धनबाद (DHANBAD) : धनबाद शहर का खूबसूरत 'राजेंद्र सरोवर' को फिर से बदबूदार 'बेकार बांध' मत बनने दीजिए. यह हम नहीं कह रहे हैं- धनबाद के लोगों की यही मांग है. लेकिन रखरखाव में जैसी सुस्ती दिखाई जा रही है, लगता है कि समय रहते अगर कुछ नहीं हुआ तो राजेंद्र सरोवर फिर से 'बदबूदार बेकार बांध' बन जाएगा. The Newspost की टीम रविवार के हादसे के बाद जब राजेंद्र सरोवर के हालातों को देखने पहुंची तो पाया कि सुरक्षा और रखरखाव का घोर अभाव है.
चार करोड़ की लागत से बने राजेंद्र सरोवर की ऐसी है स्थिति
लगभग 7 एकड़ में फैले तालाब की सुरक्षा के लिए केवल एक गार्ड है. वह भी हाथी के दांत के समान, क्योंकि उसकी न कोई बात मानता है और न सुनता है. जिसको जो जी में आता है ,करता है. हालांकि राजेंद्र सरोवर में स्नान करना प्रतिबंधित है. बावजूद अगल-बगल के लड़के मानते नहीं. चार करोड़ की लागत से बने इस राजेंद्र सरोवर के पास एक लाइफ जैकेट तक नहीं है. ऐसे में जब भी कोई हादसा होता है तो जान ही जाती है.
रविवार को एक युवक की डूबने से मौत हो गई, वह असमय काल के गाल में समा गया. साफ -सफाई की बात करें तो तालाब से ठीक सटे मछली बाजार लगता है. जाते समय विक्रेता सारी गंदगी तालाब में ही डाल देते हैं. इतना ही नहीं ,बहुत तामझाम से राजेंद्र सरोवर में फाउंटेन लगाया गया था. लेकिन एक बार जब यह खराब हुआ तो इसे ठीक नहीं कराया गया और आज भी फाउंटेन शोभा की वस्तु बना हुआ है. यह बात अलग है कि लोग अभी सुबह -शाम काफी संख्या में जुटते हैं. मॉर्निंग से लेकर इवनिंग वॉक करते हैं. घंटा दो घंटा बैठकर समय बिताते हैं. लेकिन अगर इसके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया तो नागरिकों कि यह सुविधा आज नहीं तो कल छीन जाएगी.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह, धनबाद
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