नीरज सिंह हत्याकांड : बिना बयान दर्ज किए ही वापस जेल भेज दिए गए संजीव सिंह

    नीरज सिंह हत्याकांड :  बिना बयान दर्ज किए ही वापस जेल भेज दिए गए संजीव सिंह

    धनबाद (DHANBAD) : पूर्व  डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड की सुनवाई के दौरान सोमवार को बचाव पक्ष व अभियोजन के बीच डेढ घंटे तक कड़ी  बहस  हुई.  आज पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह समेत  ग्यारह का सफाई बयान दर्ज किया जाना था, सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में कोर्ट में पेश भी किया गया.  परंतु संजीव सिंह ,पंकज सिंह ,एवं डब्ल्यू मिश्रा की ओर से उनके अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ,पंकज प्रसाद एवं देवी शरण सिन्हा ने आवेदन देकर कहा कि उन्हें अभियुक्तों से पूछे जाने वाले प्रश्नों की पूरी सूची उपलब्ध कराई जाए ताकि वह उसका जवाब लिखित रूप में दे सकें.  अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने दलील देते हुए कहा कि यह उनका संवैधानिक अधिकार है कि  अपना बयान वह अपने अधिवक्ताओं से संपर्क कर व  सोच विचार कर ही दें. 

    अभियोजन ने  किया विरोध

     इस मांग का अभियोजन ने पुरजोर विरोध किया और कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि बयान दर्ज किए जाने से पहले अभियुक्तों को प्रश्नों की सूची दी जाये.  उभय पक्षों को सुनने के बाद अदालत में समय देने से इनकार किया, जिस पर बचाव पक्ष के द्वारा अपने आवेदन पर बहस करने के लिए और विभिन्न अदालतों के निर्णय को दाखिल करने के लिए समय की याचना की गई और समय आवेदन दाखिल किया गया.  कहा गया कि उन्हें दो दिन का समय दिया जाए ,वह इस आवेदन पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय अदालत में दाखिल करेंगे. अदालत ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर अपना आदेश पारित करेगी , जिसके बाद सभी अभियुक्तों को बिना बयान दर्ज किए ही आज वापस जेल भेज दिया गया. 

    अदालत कक्ष अधिवक्ताओं से खचाखच भरा था

    सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष अधिवक्ताओं से खचाखच भरा था. मामले में पैरवी के लिए मुकदमे के सूचक झरिया विधायक पूर्णिमा सिंह के देवर अभिषेक सिंह  भी समर्थकों के साथ  मौजूद थे.  पूर्व विधायक संजीव की ओर से भी काफी संख्या में उनके समर्थक कोर्ट परिसर में मौजूद दिखे.  कोर्ट परिसर में दोनों पक्ष में किसी प्रकार का टकराव ना हो, इसके कारण भारी पुलिस बल की भी तैनाती थी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोर्टरूम के भीतर जाने वाले सभी दरवाजों को भी बंद कर दिया गया था  और वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया था.  बताते हैं कि 21 अप्रैल को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में  झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह ने उच्च न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर चुनौती दिए  जाने की बात कह समय की याचना की थी. वहीं अभियोजन  ने मुकदमे का त्वरित  निष्पादन करने की प्रार्थना की थी.  अदालत में संजीव सिंह के आवेदन को खारिज कर दिया था और आज की तारीख सफाई बयान दर्ज करने के लिए निर्धारित की थी. 

    दिनदहाड़े हुई थी हत्या

    21 मार्च 2017 के संध्या 7 बजे नीरज सिंह अपने फाॅच्यूनर कार जेएच10एआर-4500 से सरायढ़ेला स्थित अपने आवास रघुकुल लौट रहे थे, वह ड्राईवर के साथ आगे  बैठे थे.  पीछे की शीट  पर उनका सहायक सरायढ़ेला न्यू काॅलोनी निवासी अशोक यादव और  निजी अंगरक्षक मुन्ना तिवारी बैठे थे.  स्टील गेट के पास बने स्पीड ब्रेकर पर नीरज की गाड़ी की रफ्तार कम होते ही दो बाईक पर सवार कम से कम 4 हमलावरों ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर लिया.  इसके बाद कार पर गोलियों की बरसात कर दी गई.  चारों तरफ से 9 एमएम की पिस्टल और कारबाईन से 50 से अधिक राउंड फायरिंग की गई. घटना के बाद आसपास के इलाकों में भगदड़ मच गयी थी. गाड़ी में सवार अशोक यादव, मुन्ना तिवारी और ड्राईवर घलटू महतो और नीरज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी. 


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