धनबाद (DHANBAD) : धनबाद के शिव मंदिर प्रांगण में चरक पूजा की शुक्रवार को धूम रही. ऐसी मान्यता है कि चरक पूजा कष्टों और दुखों को मिटाकर समृद्धि लाती है. यह मुख्य रूप से भगवान शिव को खुश करने के लिए मनाया जाता है.
यह है प्रथा :
सबसे पहले भोक्ताजनों को पास के तालाब ले जाया गया तथा वहां पर शिव भक्तों के इच्छानुसार पीठ, बांह, पैर, जीभ, गर्दन आदि शरीर के अंगो में कील घुसाया जाता है. उसके पश्चात गाजे बाजे के साथ उसे मन्दिर परिसर लाया जाता है. मन्दिर में पूजा अर्चना करने के पश्चात उसे एक एक करके खम्भे के ऊपर चढ़ाया गया. फिर उसे भक्तगणों के द्वारा उसे खम्भे में बांधकर उसे परिक्रमा करवाया जाता है. खम्भे के पास भोक्तागणों के परिवार के महिला सदस्य उपवास करके खड़ी रहती हैं. पूजा पूरी होने के बाद भक्तों के बीच ‘प्रसाद’ वितरित किया जाता है.
रिर्पोट : शाम्भवी सिंह, धनबाद
Thenewspost - Jharkhand
4+

