धनबाद कह रहा हाय बिजली -हाय बिजली, अधिकारी कह रहे संकट ही नहीं


धनबाद (DHANBAD) : मौसम ने तो ठान ही लिया है कि किसी को चैन से नहीं रहने देंगे, इसमें बिजली विभाग मौसम को पूरा सहयोग कर रहा है. तापमान 41 डिग्री पर पहुंच गया है और शहर में ताबड़तोड़ बिजली कटौती हो रही है. लोगों को न बाहर चैन मिल पा रहा है और ना घर में. जनरेटर फेल कर जा रहे हैं, इनवर्टर बैठ जा रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग यह मानने को तैयार नहीं है. बिजली विभाग का कहना है कि आमाघाटा को छोड़कर शहर में कहीं बिजली संकट नहीं है. डीबीसी के नखरे भी बढ़ गए हैं.
किस्तों में की जा रही है बिजली कटौती
लोड शैडिंग बढ़ा दी गई है. किस्तों में बिजली कटौती हो रही है. रही-सही कसर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड पूरा कर दे रहा है. डीबीसी अगर 5 घंटे कटौती कर रहा है तो बिजली विभाग भी कम नहीं कटौती कर रहा है. नतीजा है कि 8 से 10 घंटे लोगों को बिजली नहीं मिल रही है. रोटेशन के आधार पर बिजली आपूर्ति करने में विभाग विफल साबित हो रहा है. जिस इलाके में संकट है, वहां दूसरे सब स्टेशन से बिजली देने की व्यवस्था की जा की गई है, लेकिन यह संभव नहीं हो पा रहा है क्योंकि उपकरण इतने जर्जर और बेकार हैं कि ऐसा करने से उपकरण ही खराब हो जा रहे हैं.
क्या बिजली विभाग की यही तैयारी थी !
अब सवाल यह उठता है कि बिजली विभाग ने गर्मी के लिए क्या तैयारी कर रखी थी. उसकी क्या योजना थी कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए वह किन-किन तरह से काम करेगा. संबंधित अधिकारी तोता रट लगाते हैं और कहते हैं कि बिजली संकट नहीं है. धनबाद के कार्यपालक अभियंता एसबी तिवारी का कहना है कि शहर में आमाघटा को छोड़कर कहीं बिजली संकट नहीं है और जो परेशानी है उसे एक सप्ताह के अंदर खत्म कर लिया जाएगा. दूसरी ओर उपभोक्ता चिल्ला- चिल्ला कर कह रहे हैं कि बिजली संकट से अब जीना मुहाल हो गया है. उद्योग -धंधे चौपट हो गए हैं ,कारोबार प्रभावित हो गए हैं, पढ़ने वाले बच्चों को काफी परेशानी हो रही है. एसी- कूलर नहीं चल रहे हैं, जनरेटर ठप हो जा रहे हैं. ऐसी हालत में इस गर्मी में कैसे लोग जिए, यह एक बड़ा सवाल है. दूसरी ओर उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि बिजली विभाग बकाया वसूली के लिए गर्दन तक मरोड़ता है लेकिन जब बिजली देने की बात आती है तो बगले झांकने लगता है.
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