धनबाद : अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी, लंबे इंतजार के बाद जिला शिक्षा समिति गठित


धनबाद (DHANBAD) : जिले में उठे फीस विवाद के बीच जिला शिक्षा समिति का धनबाद में गठन हुआ है. 2017 में ही झारखंड सरकार ने इसे विधानसभा में पारित किया था, लेकिन पांच साल के बाद सोमवार को धनबाद में जिला शिक्षा समिति का गठन किया गया. कमेटी के अध्यक्ष उपायुक्त होंगे जबकि जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सांसद और विधायक ,दो अभिभावक, दो स्कूल के प्राचार्य और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट इसके सदस्य होंगे.
10% से अधिक फीस बढ़ाने के लिए लेनी होगी स्वीकृति
जैसा कि बताया जाता है, अब इस समिति की अनुमति के बगैर 10% से अधिक फीस धनबाद का कोई भी स्कूल नहीं बढ़ा सकता है. अगर स्कूल के लिए बढ़ाना जरूरी होगा तो स्कूल प्रबंधन को जिला शिक्षा समिति से स्वीकृति लेनी होगी. बता दें कि अभी धनबाद के कुछ स्कूल ऐसे हैं जो सरकार के आदेश को नहीं मानते हैं. सभी आदेशों को अनदेखा कर 50% से अधिक वार्षिक शुल्क में वृद्धि कर दी है. वार्षिक शुल्क में वृद्धि को लेकर अभिभावकों में गुस्सा हैं. इस मामले में अभिभावक उपायुक्त के समक्ष स्कूल की शिकायत कर चुके हैं.
अभिभावकों की शिकायत पर उपायुक्त संदीप सिंह ने जिला शिक्षा अधीक्षक को सभी शिकायतों की सूची बनाने का निर्देश दिया है. उपायुक्त ने कहा कि अगली बैठक में समिति के सामने सभी शिकायतों को रखा जाएगा. उसके बाद यह समिति निर्णय लेगी कि आगे क्या कार्रवाई करनी है.
कमिटी गठन होने से अभिभावक में खुशी है. वहीं इस पर विधायक प्रतिनिधि मनोज मलकर ने कहा कि अब स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी. केडी पांडेय ने कहा कि कमिटी गठन के बाद अभिभावकों की शिकायत पर कार्रवाई हो सकेगी. वही रणबिजय सिंह ने कहा कि 2017 में ही इसे विधान सभा से पास किया गया था. लेकिन किसी कारण कमिटी गठन होने में विलंब हुआ जिसका खामियाजा अभिभावकों को भुगतना पड़ा है.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह / प्रकाश महतो, धनबाद
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