गुमला (GUMLA) : किसी भी क्षेत्र के विकास में सड़कों का काफी योगदान होता है. जिन इलाकों में सड़कों का निर्माण हो गया है, उस क्षेत्र का स्वरूप भी आज काफी बेहतर हो गया है. कुछ दिनों बाद गुमला जिला के सड़कों की स्थिति भी काफी बेहतर होने वाली है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि रांची-गुमला राष्ट्रीय उच्च पथ को फोरलेन में विकसित करने को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पीपी मोड पर काम का आवंटन कर दिया गया है. सरकार के साथ करार करने के बाद जिस कंपनी को काम मिला है, उसने भी काम शुरू कर दिया है.
विवाद को सुलझाया गया
जमीन अधिग्रहण में जमीन की कीमत को लेकर जो विवाद सामने आ रहा था, उसका भी पूरी तरह समाधान निकाल लिया गया है. जिले के अपर समाहर्ता सुधीर कुमार गुप्ता को इस विवाद को सुलझाने का जिम्मा मिला था, जिसका समाधान पूरी तरह कर लिया गया है. इस सड़क के निर्माण के लिए 27 गांव से भूमि का अधिग्रहण किया गया है. वहीं डीएफओ श्रीकांत वर्मा ने भी बताया कि सड़क निर्माण में वन क्षेत्र कम है, अधिकांश जमीन रैयत भूमि है, जिनपर लगे पेड़ो को काटने के लिए नियम से आदेश दिए जा रहे हैं.
एनएचएआई ने बढ़ाई गई राशि को जिला प्रशासन के खाते में किया जमा
रांची से गुमला होते हुए यह सड़क छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ती है. इसलिए डीसी सुशांत गौरव ने भी इस परियोजना को समय पर पूरा कराने को लेकर कई विभागों को गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया है. डीसी ने कहा कि निर्माण कार्य मे किसी प्रकार की दिक्कत ना हो, इसे लेकर सभी स्तर पर मदद की जाएगी. उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा हो जाए, इसे लेकर उनकी ओर से भी पूरी कोशिश की जा रही है. डीसी ने बताया कि जमीन की कीमत को लेकर स्थानीय लोगो की जो मांग थी, उसे लेकर भी समाधान करते हुए एनएचएआई ने बढ़ाई गई राशि को जिला प्रशासन के खाते में जमा कर दी है. इसके बाद उसे जमीन मालिकोंं के खाते में जमा किया जा रहा है.
रिपोर्ट : सुशील कुमार सिंह, गुमला
Thenewspost - Jharkhand
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