बैक टू स्कूल कैंपेन : हाकिमों ने किया मंथन, ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स की कैसे हो कैंपस में वापसी


रांची(RANCHI) : सरकारी स्कूलों में पांच से 18 आयुवर्ग के छात्र-छात्राओं को वापस लाने और नियमित उपस्थिति बनाए रखने के लिए बैक टू स्कूल कैंपेन की शुरुआत की गयी है. यह कार्यक्रम पांच अप्रैल से चार मई पूरे 30 दिनों तक चलेगा. इसे लेकर मंगलवार को रांची समाहरणालय ब्लॉक बी कमरा संख्या 505 में कार्यशाला का आयोजन किया गया. बैठक में उपविकास आयुक्त रांची विशाल सागर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, स्थानीय सांसद/विधायक के प्रतिनिधि, एडीपीओ, बीपीओ एवं वार्ड पार्षद एवं पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे.
इन मसलों पर हुई चर्चा
कोरोना महामारी के कारण लगभग दो साल तक विद्यालय बंद रहने के बाद वर्तमान में काफी बच्चे स्कूल से बाहर है. कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहे. अभियान के दौरान इस पर विशेष रूप से फोकस रहेगा. एडीपीओ रांची ने अभियान के तहत किये जाने वाले क्रियाकलापों की विस्तार से जानकारी दी. अभियान के दौरान यह भी समीक्षा की जाएगी कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षा पास कर उच्च कक्षाओं में कितने बच्चों ने नामांकन लिया. कहीं छात्र-छात्राएं ड्रापआउट तो नहीं हो रहे हैं. इसके लिए सभी प्राथमिक विद्यालयों का मध्य विद्यालयों, मध्य विद्यालयों का उच्च विद्यालयों के साथ मैंपिंग करने को कहा गया है. आउट ऑफ स्कूल बच्चों समेत अन्य को चिह्नित कर डहर ऐप से चिह्नित कर नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया है. इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि पूरे 2 वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था ठप थी. जिले में 1 माह तक "स्कूल रुआर 2022" कार्यक्रम चलेगा. हम सभी मिलकर ड्राप आउट को कम करने का प्रयास करेंगे. एक भी बच्चे विद्यालय से बाहर नहीं रहे,सभी का नामांकन विद्यालय में हो तथा सब की उपस्थिति विद्यालय में रहे इसे हमें सुनिश्चित करना है. सांसद प्रतिनिधि तथा विधायक प्रतिनिधि ने भी अपनी बात रखी.
स्कूलों को किया जायेगा सम्मानित
अभियान के दौरान सभी स्कूलों में आवश्यकतानुसार रंग-रोगन, क्लासरूम की मरम्मत, शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था करने समेत अन्य निर्देश दिया है. स्कूल रुआर 22 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों, प्रखंडों व जिला को सम्मानित किया जाएगा. जिला स्तर पर जन प्रतिनिधि, सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीआरपी-सीआरपी समेत अन्य के साथ बैठक ई विद्यावाहिनी के माध्यम से प्राप्त बच्चों के नामांकन एवं उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी. अभियान के 30 दिनों को दो भागों में बांटकर कार्यक्रम किये जाएंगे. इसके तहत पहले के 10 दिन जिला एवं प्रखंड अंतर्गत कार्यालय में बैठक एवं रणनीति पर काम होगा. शेष दिनों में स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित होंगे. इन 20 दिनों में स्कूलों में हर दिन अलग-अलग गतिविधि की जाएगी, जिसमें शिक्षक एवं बच्चे भागीदार होंगे.
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