सरहुल शोभायात्रा को लेकर भारी उत्साह, पारंपरिक परिधानों और वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगे महिला-पुरूष

    सरहुल शोभायात्रा को लेकर भारी उत्साह, पारंपरिक परिधानों और वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगे महिला-पुरूष

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) - प्रकृति का महापर्व सरहुल पूरे राज्यों पर ही हर्षोल्लास और धूमधाम से कल मनाया जाएगा. वहीं इस पूजा के उपलक्ष्य में केन्द्रीय सरहुल पूजा समिति पूर्वी सिंहभूम के द्वारा शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा. जिसमें झारखंडी एकता, सभ्यता और संस्कृति का परिचय देखने को मिलेगा. इस शोभायात्रा में अनुसूचित जाति, जनजाति और मूलनिवासी समुदाय के महिला-पुरूष, बच्चे-बच्चियां और बुद्धिजीवी अपने पारम्परिक परिधान और वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगें.

    गाइडलाइन का पालन

    सरहुल पर्व की शोभायात्रा दोपहर 3.30 बजे उरांव बस्ती पुराना सीतारामडेरा से प्रारम्भ होकर लाको बोदरा चौक, एग्रिको लाइट सिग्नल, भालूबासा, बाराद्वारी, रामलीला मैदान, साकची गोलचक्कर, बसंत टॉकीज़, कालीमाटी रोड, टुइलाडूंगरी गोलचक्कर, रिफ्यूजी कॉलोनी होते हुए पुनः सीतारामडेरा में आकर समाप्त होगी. कोरोना के कारण 2 वर्षो तक शोभायात्रा का आयोजन नहीं हो पाया था. लेकिन इस वर्ष लोगों में काफी उत्साह है. सभी सरना स्थलों का रंगरोहन किया जा चुका है. साथ ही विधुत सज्जा भी सजाया गया है. सभी सरना स्थलों में सुबह 7 बजे से पाहन द्वारा पूजा आरम्भ हो जाएगा जो दोपहर 2 बजे तक चलेगा. शोभायात्रा से पूर्व केन्द्रीय सरहुल पूजा समिति द्वारा अतिथियों और सभी समाज के प्रतिनिधियों का आदिवासी परंपरा के अनुसार स्वागत और सम्मान किया जाएगा. जिसके उपरांत शोभायात्रा प्रारम्भ होगी. कार्यक्रम के दौरान समिति के द्वारा सरकार और जिला प्रशासन द्वारा निर्गत गाइडलाइन के साथ ही दिशा निर्देश का पालन करते हुए शोभायात्रा को निकालने का निर्णय लिया है. समिति ने लोगों से मास्क पहनकर शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की गई है.

      रिपोर्ट : रंजीत ओझा, जमशेदपुर


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news