दुमका (DUMKA) - दुमका में छात्र समन्वय समिति 1932 के खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति लागू करने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. धरना, प्रदर्शन, रैली के बाद आज मानव शृंखला बनाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था. इसी कड़ी में एसपी कॉलेज के सामने काफी संख्या में छात्र समन्यव समिति के सदस्य एकत्रित हुए. शहर के फूलोझानो चौक से सिदो कान्हू चौक तक मानव शृंखला बनाने की योजना थी. लेकिन प्रशासन को जानकारी मिलते ही सदर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा नगर थाना पुलिस के साथ स्थल पर पहुंचे और उन्होंने छात्रों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया.
सरकार भूल चुकी है अपना वादा
वहीं प्रशासनिक दबाव के चलते छात्र एसपी कॉलेज के सामने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर सांकेतिक रूप से मानव शृंखला का स्वरूप दिया. बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि एसडीओ के स्तर से छात्र समन्वय समिति को मानव शृंखला बनाने की अनुमति नहीं दी गई थी. इसके बावजूद छात्र समन्वय समिति के सदस्य सड़कों पर उतर गए तो उन्हें समझा-बुझाकर वापस घर भेज दिया गया.
इस बाबत छात्र नेता श्याम देव हेंब्रम ने कहा कि झामुमो ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 1932 का खतियान लागू करने की बात कही थी. लेकिन सत्ता में आने के बाद वह अपना चुनावी वादा भूल चुके हैं. उन्हें याद दिलाने के लिए छात्र समन्वय समिति द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासनिक स्तर पर होली मिलन समारोह का आयोजन हो सकता है. बड़े-बड़े सभा आयोजित हो सकते हैं. लेकिन जब हक और अधिकार की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतरना चाहते हैं तो उन्हें उतरने से रोका जा रहा है. यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा सत्र के दौरान 1932 का खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति लागू करने का अल्टीमेटम दिया गया था. लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई है. वहीं मुद्दे पर श्यामदेव हेंब्रम ने कहा कि अभी भी सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 1932 के खतियान लागू करने की घोषणा करें अन्यथा छात्र समन्वय समिति का अगला कदम जेल भरो अभियान से लेकर आर्थिक नाकेबंदी तक होगी.
रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका
Thenewspost - Jharkhand
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