राजकीय मेला घोषित किया गया पलामू का आदिवासी महाकुंभ मेला


पलामू (PALAMU) - वर्षों से वंचित आदिवासी समाज के उत्थान के प्रयास में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार ने ही आखिरकार रंग भरा. होली के अवसर पर हेमंत सोरेन सरकार ने पलामू के दुबियाखांड़ में राजा मेदिनीराय के सम्मान में लगने वाले आदिवासी महाकुंभ विकास मेला को राजकीय मेला घोषित कर दिया. झामुमो नेता दीपक तिवारी ने गुरुवार को ये बातें कही. मंत्री मिथलेश ठाकुर को प्रमंडल की सरकार बता ढेरों बधाई सहित शुभकामना दी और कहा कि उन्होंने पलामू के इतिहास को उसका सम्मान लौटा दिया है.
सरकार की उपलब्धि
आदिवासी राजवंश के इतिहास का गवाह पलामू के एकमात्र मेला को जिंदा स्वरूप दिया जाना सरकार की उपलब्धि में गिनी जाएगी. इसके लिए राज्य स्तरीय पर्यटन संवर्धन समिति की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री ने अनुमोदन किया था. पलामू के सेवादार दीपक तिवारी ने कहा कि नब्बे के दशक से सदर प्रखंड के दुबियाखांड़ मेला अपने अस्तित्व के इंतजार में था. पलामू के दिग्गज राजनीतिज्ञ इंदर सिंह नामधारी ने राजस्व मेला के रूप में इसका शुभारंभ किया था. इसका उद्देश्य विकास संबंधी सरकारी विभाग मेला में सीधे स्थानीय, आदिवासी, मूलवासी को उनका लाभ दें. हर वर्ष मंत्री संतरी की भीड़ लगती रही, पर किसी ने इस मेले को उसका अस्तित्व नहीं दिया. दीपक तिवारी ने कहा कि आदिवासी महाकुंभ विकास मेला को राजकीय मेला घोषित कर मंत्री मिथलेश ठाकुर ने राजा मेदिनी राय, इंदर सिंह नामधारी के बाद हमेशा के लिए अपना नाम पलामू के दुबियाखांड़ की धरती पर दर्ज कर लिया.
रिपोर्ट : जफ़र महबूब, मेदनीनगर/पलामू
4+