हक़ और हकूक के लिए सड़क पर आए विस्थापित, कहा-सरकार अदूरदर्शिता के कारण परेशान हो रहे रैयत


धनबाद (DHANBAD) : विस्थापित संघर्ष मोर्चा ने सोमवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. सरकार को भी भरमन कोसा. उन्होंने कहा कि सरकार की अदूरदर्शी नीति के कारण झारखंड के रैयत परेशान हो रहे हैं. उन्हें देखने वाला कोई नहीं है. जमीन, मकान का म्यूटेशन, खजाना रसीद बंद है. रजिस्टर 2 पर भी नाम नहीं चढ़ रहा है. मूल रैयत परेशान हैं और दूसरे लोगों का नाम चढ़ाया हुआ है. बीसीसीएल का खेल भी निराला है. पहले बीसीसीएल कहती है कि भूमिगत खदान उसकी है, फिर बाहर में ओवरबर्डन जमा कर दिया जाता है, फिर उस ओवरबर्डन की जगह को वन विभाग को पौधा लगाने के लिए सौंप दिया जाता है.यह कहां तक उचित है.
विस्थापितों के लिए झारखंड सरकार नीति बनाए
विस्थापित संघर्ष मोर्चा के नेता ने कहा कि विस्थापितों के लिए झारखंड सरकार एक नीति बनाए. हमारी खेती भी चली गई, रोजगार भी छिन गया तो आखिर हम करें भी तो क्या करें. जिनकी जमीन गई है, उनको मुआवजा मिलना चाहिए. बेबी देवी ने कहा कि जमीन की रसीद नहीं कटने से समस्या बड़ी होती जा रही है. आज 18 पंचायतों की दीदी लोग इस महाप्रदर्शन में भाग ले रही है. सब का यही मांग है कि जमीन की रसीद कटनी चाहिए. प्रदर्शन में काफी संख्या में लोग शामिल हुए. गोधर से डीसी कार्यालय तक प्रदर्शन हुआ. बैंक मोड़ चेंबर ने आंदोलन को नैतिक समर्थन देते हुए रास्ते में शरबत पानी की व्यवस्था की थी.
रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह, धनबाद
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