ये हैं नए भारत की नारी, खुद ही गढ़ रही अपनी सफलता की कहानी, ज़रुरत है तो बस उचित प्लेटफार्म की

    ये हैं नए भारत की नारी, खुद ही गढ़ रही अपनी सफलता की कहानी, ज़रुरत है तो बस उचित प्लेटफार्म की

    लोहरदगा (LOHARDAGA)  - अपने घर की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए महिलाएं अब दूसरे के घरों में खुशबू फैलाने का काम कर आत्मनिर्भर बनने को तैयार है. जिसके लिए सभी महिलाएं लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं.  लोहरदगा जिला के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में रहने वाली ये महिलाएं अब स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. बढ़ती हुई महंगाई और घर की जरूरतों ने इन्हें स्वरोजगार के लिए खुद को प्रेरित किया है. बता दें कि रूलर सेल्फ इमप्लाइमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट लोहरदगा के माध्यम से इन महिलाओं को खुशबूदार अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ताकि वे अपने ही घरों में रहकर स्वरोजगार के दिशा में एक बेहतर कदम उठा सकें.  हर घर में प्रतिदिन अगरबत्ती और धूप का उपयोग होता है, ऐसे में बज़ारों में अगरबत्ती की मांग बहुत अधिक है. ये सभी प्रशिक्षु महिला वर्तमान समय में अगरबत्ती के क्षेत्र में बेहतर भविष्य और रोजगार को देखते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रही है. घर के चौखट से कभी बाहर नहीं निकलने वाली इन महिलाओं ने समय के साथ अपने पांव में खड़े होने का फैसला लिया है. इसी दिशा में इन महिलाओं के द्वारा स्वरोजगार के लिए अगरबत्ती व्यवसाय को चुनने का काम किया गया. अब प्रशिक्षण पूरा कर और इसी आरसेटी के माध्यम से इन्हें मिलने वाले बाजार, लोन और अन्य सुविधाओं को लेकर आने वाले समय में बेहतर उद्यमी बनने की दिशा में ये अग्रसर है.

    6 हजार से ज्यादा महिलाओं को स्वरोजगार

    केन्द्र सरकार की रूलर सेल्फ इम्प्लाइमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से अब तक 6 हजार से ज्यादा महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में जोड़ने का काम किया गया है.  इन्हें अगरबत्ती, अचार पापड़, सिलाई, सूगर पालन, बकरी पालन, फूलों की खेती सहित अन्य क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित करने का कार्य किया गया है, बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से इन महिलाओं को कई तरह की सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है. ऐसे में आरसेटी के निदेशक ने बताया कि महिलाओं को लोहरदगा में स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ कई प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है.

    सफलता की कहानी

    लोहरदगा में महिलाएं अब परिस्थितियों की शिकार नहीं बल्कि अपने मजबूत इरादों के लिए जानी जाती है. बस जरूरत है इन्हें सही प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की. राज्य सरकार को झारखंड में भी स्वरोजगार को बढ़ावा देकर राज्य के विकास में इन महिलाओं की सहभागिता तय करनी चाहिए. इन महिलाओं ने तो यह साबित कर दिया है कि इन्हें सिर्फ प्लेटफार्म दिया जाए औऱ ये सफलता की कहानी खुद ही गढ़ती चली जाएंगी.

    रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा

     

     

     


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