बाप एक नंबरी, बेटी दस नंबरी, पढ़िए पुलिस जवान की बेटी कैसे बनी चोरनी


दुमका (DUMKA) : जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव में ग्रामीणों ने एक मोबाइल और नकदी चोरी करते एक युवती को पकड़ कर रखा. सूचना मुफस्सिल थाना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को हिरासत में लेकर थाना चली गई.
क्या है मामला
26 फरवरी को हरिपुर का एक परिवार गोड्डा के गंगवारा जाने के लिए बारा पलासी स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. ट्रेन आई हरिपुर का परिवार ट्रेन पर सवार हुआ लड़की भी उस ट्रेन में परिवार के बगल में बैठ गई. ट्रेन खुली. परिचय हुआ. गंगवारा स्टेशन पहुंचते पहुंचते काफी रात हो गई थी. परिवार जब उतरने लगा तो लड़की ने अपना दुखड़ा रोया कि इतनी रात में वह गांव तक नहीं जा सकती है. परिवार को उस लड़की पर तरस आ गई और उसे लेकर अपने परिचित के घर चली गई. यहां से 3:00 बजे सुबह लड़की 2 मोबाइल ₹10000 नगद और गहने लेकर फरार हो गई. 8 मार्च को हरिपुर के ग्रामीणों ने लड़की को किसी हाट में देखा. ग्रामीण उस लड़की को पहचान गए. पता करने पर पता चला कि लड़की जामा थाना के बारापलासी गांव की रहने वाली है. बुधवार सुबह हरिपुर के ग्रामीण बारा पलासी गए और वहां से लड़की को उठाकर हरिपुर आ गए.
ये कैसी मजबूरी !
पूछताछ के दौरान लड़की ने बताया कि उसके पिता झारखंड पुलिस के जवान हैं जो जामताड़ा में कार्यरत हैं. मां भाई बहन सभी पिता के साथ रहते हैं. पूरे परिवार ने इसे छोड़ दिया. बताती है कि कोई शौक से नहीं बल्कि मजबूरी में चोरी करती है. लेकिन मजबूरी क्या है इस बाबत बोलने के लिए तैयार नहीं है. क्या है इसकी मजबूरी, क्या है हकीकत.... यह तो अनुसंधान का विषय है. लेकिन एक पढ़ी-लिखी लड़की चोरी जैसा घृणित कार्य करें तो कहीं ना कहीं उसकी परवरिश में कमी रही होगी और यह सोचने पर विवश कर रहा है कि कहां जा रहा है आज हमारा समाज.
रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका
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