एनटीपीसी में आगजनी मामला : 200 ग्रामीणों पर प्राथमिकी दर्ज, 6 नामजद गिरफ्तार


चतरा (CHATRA) - चतरा के टंडवा में संचालित एनटीपीसी में रैयतों और ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर पथराव और आगजनी मामले में एनटीपीसी प्रबंधन व जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन के मूड में आ चुका है. आंदोलन के आड़ में एनटीपीसी परियोजना कार्यालय पर हमला कर लूटपाट, आगजनी और वाहनों को फूंकने के मामले में करीब 200 से अधिक भू-रैयतों व ग्रामीणों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी को ले पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है. मामले में छह नामजद आरोपियों को पुलिस ने दबोच भी लिया है. जिससे टंडवा थाना में पूछताछ की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में से एक एनटीपीसी का ही कर्मी है. जिसने भीड़ के आड़ में परियोजना कार्यालय में तोड़फोड़ आगजनी समेत 3 दर्जन से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले करने में भीड़ के साथ अपनी भूमिका अदा की थी. पुलिस ने एनटीपीसी अधिकारियों के लिखित शिकायत और वीडियो फुटेज के आधार पर रैयतों और ग्रामीणों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है. वहीं अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छापामारी अभियान तेज कर दिया गया है.
गुंडागर्दी
परियोजना परिसर कार्यालय में कल हुए हमले के मामले में एनटीपीसी जीजीएम तजेंद्र गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि रैयतों व ग्रामीणों ने आंदोलन के आड़ में परियोजना और सुरक्षाकर्मियों पर बम से हमला किया था. इसके अलावे दहशत फैलाने के उद्देश्य से पिस्टल भी जमकर लहराया था. जीजीएम ने कहा है कि परियोजना कार्यालय पर हमला कर रैयतों ने कार्यालय में लगे करीब दो दर्जन से अधिक कम्प्यूटर व लैपटॉप समेत अन्य उपकरणों को लूट लिया है. वहीं कार्यालय में तोड़फोड़ व आगजनी करने के बाद परियोजना परिसर में खड़ी तीन दर्जन से अधिक ट्रक, हाईवा व बाईक समेत अन्य गाड़ियों को भी फूंक दिया है. जिससे एनटीपीसी को करोड़ो रुपये का नुकसान हुआ है. जीजीएम ने बताया कि 3 सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलन की बात करने वाले भू-रैयतों की मांगे गलत है. 15 वर्ष पूर्व अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अभी के दर से मांगा जा रहा है. जबकि सरकारी नियमों और जिला प्रशासन के निर्देश के अनुरूप उन्हें अधिग्रहण अवधि में ही सारी राशि का भुगतान किया जा चुका है. उन्होंने कहा है कि इस पूरे मामले में आंदोलित रैयतों को सरकार के द्वारा स्पष्ट रूप से मुआवजा संबंधित जानकारी दे दी गई है. उसके बावजूद वे लोग बेवजह आंदोलन की आड़ में गुंडागर्दी कर रहे हैं. वहीं घटना के बाद से लगातार टंडवा में हर छोटी बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे एसपी ने कहा है कि आंदोलन का अधिकार सभी को है. लेकिन आंदोलन के आड़ में गुंडागर्दी कर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने की इजाजत किसी को नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा है कि घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस सघन छापामारी अभियान चला रही है.
रिपोर्ट : संतोष कुमार, चतरा
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