रोजाना डाइट में अलसी करें शामिल, कई रोगों से लड़ने की देता है शक्ति : कृषि वैज्ञानिक


लोहरदगा(LOHARDAGA)- किस्को कृषि विज्ञान केन्द्र और आत्मा के संयुक्त प्रयास से लोहरदगा जिला के सैकड़ों एकड़ भूमि में तीसी की फसल लहलहा रही है. किसान अलसी यानी तीसी के उत्पादन में आगे बढ़कर कार्य कर रहे हैं. तीसी के कई गुणों की वजह से इसकी मांग अधिकाधिक है. कभी ऐसा वक्त था कि इन खेतों में सिर्फ धान की फसल साल में एकाध बार की जाती थी. फिर किसान पलायन कर जाते थे. लेकिन अब वक्त के साथ किसानों ने अपने फैसले को बदला है. किसान अब अपने खेतों में अलसी यानी तीसी की खेती कर आर्थिक उपार्जन कर रहे हैं. आत्मा और कृषि विज्ञान केन्द्र इस दिशा में निरंतर बेहतर कार्य कर रहा है. लोहरदगा जिला के किस्को प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ भूमि में अलसी यानी तीसी की फसल लहलहा रही है.
तीसी कम पानी में अधिक पैदावार देती है
इस संबंध में कृषि वैज्ञानिक डॉ सुषमा सरोज ने कहा कि हमारे किसान तेलहन फसल की ओर आगे बढ़ रहे हैं. तीसी में ओमेगा फेटियस पाया जाता है. डाइटेशियन कहते हैं कि अपने डाइट में तीसी को सम्मलित करना चाहिए. ये बहुत सारे रोगों से लड़ने की शक्ति देता है. तीसी कम पानी में अधिक पैदावार देती है जिससे किसानों के जो खेत पर्ती रहते हैं उसमें वे गरमा और रबी दोनों सीजन में खेती कर सकते हैं. इससे किसानों को अधिक फाइदा होता है.
रिपोर्ट: गौतम लेनिन, लोहरदगा
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