मटकुरिया गोलीकांड : पूर्व मंत्री बच्चा सिंह और मन्नान मल्लिक समेत 26 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय


धनबाद (DHANBAD) - बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड के नामजद आरोपी झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बच्चा सिंह और मन्नान मल्लिक समेत 26 आरोपियों के विरुद्ध बुधवार को धनबाद कोर्ट में आरोप तय किया गया. एमपी- एमएलए के मुकदमों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी ने सभी आरोपितों के विरुद्ध पुलिस बल को टारगेट कर उस पर हमला करने, विकास सिंह की हत्या, हत्या का षड्यंत्र, आर्म्स एक्ट ,सरकारी काम में बाधा, लोक परिसंपत्ति का नुकसान समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय किए गए. अभियोजन द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को आरोपियों ने स्वीकार करने से इनकार किया और सुनवाई की मांग की.
गवाह पेश करने का दिया आदेश
अदालत ने अभियोजन को गवाह पेश करने का आदेश दिया. बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता दिलीप सिंह, अरुण कुमार सिंह, अंजनी कुमार झा ने पैरवी की. दस फरवरी को अदालत ने पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, मन्नान मल्लिक व अन्य को सदेह हाजिर होने का आदेश देते हुए सुनवाई के लिए दो मार्च की तारीख निर्धारित की थी.
यह है मामला
27 अप्रैल 2011 को मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराने गए पुलिस बल के साथ आंदोलनकारियों की हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद गोली चली, जिसमें विकास सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई थी. तत्कालीन एसडीओ के लिखित आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. आरोप गठन के बाद पूर्व मंत्री बच्चा सिंह ने कहा कि उन लोगों पर किया गया केस निराधार है. सभी लोग जानते हैं कि पुलिस की गोली से लोग मरे थे, फिर भी उन्हें आरोपी बना दिया गया. वहीं जनता मजदूर संघ के अरविंद सिंह ने कहा कि सारे आरोप निराधार हैं. उस समय के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के निर्देश पर निर्दोष लोगों पर मुकदमा दर्ज की गई थी. कांग्रेस नेता मदन महतो ने कहा कि उन लोगों पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं. हम लोग तो लोकतांत्रिक तरीके से आवास खाली कराने के खिलफ आंदोलन कर रहे थे.
रिपोर्ट : अभिषेक सिंह, ब्यूरो हेड, धनबाद
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