बदलेगी झारखंड की उत्पाद नीति, पूरे राज्य में शराब का कारोबार एक एजेंसी के हाथ !


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : झारखंड सरकार नई शराब नीति लागू करने के लिए कमर कस चुकी है. इस बाबत प्रस्ताव गुरुवार को होने वाली कैबिनेट में भेजने की प्रक्रिया चल रही है. अगर सबकुछ बिना रोकटोक हुआ तो झारखंड में अप्रैल से शराब की खुदरा बिक्री की व्यवस्था बदलेगी. नई उत्पाद नीति के मुताबिक अब एक ही निजी एजेंसी पूरे राज्य में शराब की दुकानें खोलेगी. पांचों प्रमंडल में उसका अपना गोदाम होगा. सरकार के नियंत्रण में एजेंसी खुद शराब मंगाएगी और बेचेगी. छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड ( CSMCL) को सरकार ने परामर्शी नियुक्त किया है. CSMCL ने झारखंड सरकार को छत्तीसगढ़, तमिलनाडू और केरल की तर्ज पर शराब बेचने का सुझाव दिया है. कंपनी का दावा है कि इससे बिना कीमत बढ़ाए शराब से करीब 600 करोड़ रुपए अधिक राजस्व मिल सकेगा.
2500 करोड़ रुपए के राजस्व का दावा
वर्तमान में सरकार को शराब से 1900 करोड़ रुपए का राजस्व मिल रहा है. CSMCL का दावा है कि राजस्व को 2500 करोड़ रुपए तक पहुंचाएंगे. CSMCL की रिपोर्ट के अनुसार शराब व्यवसाय के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा. सभी पांच प्रमंडल में गोदाम बनाने की सलाह दी गई है. उधर झारखंड बार एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने कहा है कि लाइसेंस की राशि बढ़ाई गई तो एक अप्रैल से बार बंद कर देंगे. गौरतलब है कि पिछले साल ही उत्पाद नीति में बदलाव हुआ था. झारखंड स्टेट बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड का एकाधिकार खत्म कर दिया गया था. इस निर्णय के बाद से निजी कंपनियों और शराब व्यवसायियों को शराब की थोक बिक्री के लिए लाइसेंस दिया गया.
4+