लोहरदगा(LOHARDAGA) : सदर प्रखंड के भुजनिया गांव निवासी वृद्धा आज पूरी तरह से सरकारी सुविधाओं से महरूम हैं. भुजनिया के गड़ाटोली निवासी झांगो उराईन अपने घर के चौखट पर यूं ही पड़ी हुए कभी भी मिल जाएंगी. दो बेटियों की इस मां को देखने वाला कोई अपना नहीं है. पीड़िता महिला की कमर में दर्द और सिर पर गुरा का दर्द ने यू हीं पड़े रहने पर मजबूर कर रखा है. इसकी बीमारी को देखने वाला भी कोई नहीं है. कमर दर्द और अपने सिर के पास बड़े से फोड़े ने इसे पूरी तरह से लाचार बना दिया है. गांव-गांव और घर-घर तक सुविधा पहुंचाने का दावा करने वाली सिस्टम आज तक इस घर के चौखट पर कदम तक नहीं रख सकी है. स्थिति यह है कि वृद्धा कहती हैं कि मुझे जहर देकर मार दिया जाए. क्योंकि, हर पल के दर्द को ये अब बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है.
जनप्रतिनिधियों का कुछ अता-पता नहीं
गांव के जनप्रतिनिधियों ने ना कभी इस विधवा वृद्धा की चौखट पर आकर इनके दर्द को जानने की कोशिश की है और ना ही इसके दर्द को दूर करने की दिशा में कोई पहल किया है. सरकार और सिस्टम की बुरी स्थिति इस चौखट पर आकर साफ तौर पर दिखाई पड़ती है. जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी का यह नजारा देखने को मिल जाएगा. अब देखना है कि इस विधवा को कब सुविधाएं मिल पाती हैं और इनका इलाज कब हो पाता है. बांस के बने बेड पर टूटे मकान में रह रही यह अब और जीने की इच्छा खोती जा रही हैं.
रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा
Thenewspost - Jharkhand
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