लगातार बिजली कटौती से कोयलांचल में त्राहिमाम, लोगों में भारी जनाक्रोश

    लगातार बिजली कटौती से कोयलांचल में त्राहिमाम, लोगों में भारी जनाक्रोश

    धनबाद(DHANBAD)- बारिश और ठंड के बीच धनबाद में बिजली संकट देखने को मिल रहा है. संकट भी ऐसा कि लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. अब तो बिजली संकट का असर जलापूर्ति पर भी पड़ने लगा है. बिजली आती नहीं है कि चली जाती है और लोग पानी का मोटर चलाने से लेकर अन्य काम करने का इंतजार ही करते रह जाते हैं. बिजली संकट के कारण उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यवसायी ,कारोबारी, उद्योग मालिक भी परेशान हैं. 

    बिजली विभाग के अधिकारियों का 'तोता रट'

    बिजली विभाग के अधिकारी 'तोता रट'  लगा रहे हैं कि डीवीसी  से कटौती हो रही है , इसलिए यह संकट बना हुआ है. रविवार को तो स्थिति यह थी कि कुछ मिनटों के लिए बिजली आती थी फिर घंटों चली जाती थी. यह स्थिति पिछले 3 महीनों से धनबाद में बनी हुई है लेकिन इसका निदान कर रहा है. बता दें कि करीब 2100 करोड़ राशि बकाया रहने के कारण डीवीसी अपने कमांड एरिया के 7 जिलों में 5 नवंबर'21 से बिजली कटौती शुरू की है. 5 नवंबर की आधी रात से ही डीवीसी  50% लोड कम कर दिया था. अब घंटे के हिसाब से बिजली कटौती की जा रही है. मतलब थर्ड डिग्री टॉर्चर सहने को जनता मजबूर है. यही स्थिति कब तक बनी रहेगी और डीवीसी  और JBVNL (झारखंड बिजली वितरण निगम )के बीच का विवाद कब तक चलेगा, यह बताने वाला कोई नहीं है.

    झारखंड सरकार निश्चिंत है और लोग परेशान

    झारखंड सरकार भी निश्चिंत है और लोग बिजली के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे है. कारोबार प्रभावित हो रहा है. ऐसे में लोग किसी तरह दिन काट रहे हैं और झारखंड सरकार, लोकल जनप्रतिनिधि और व्यवस्था को कोस रहे है. उनका कहना है कि बकाया रहने पर बिजली विभाग तो फटाफट लाइन काट देता है लेकिन विभाग जब बिजली नहीं दे पा रहा है, तो आखिर विभाग पर भी तो कोई कार्रवाई होनी चाहिए. इससे पहले डीवीसी अलग-अलग समय पर अलग अलग फीडर की बिजली बंद करता था. अब एक साथ बिजली कटौती कर रहा है. वह भी बिना पर्याप्त कारण बतायें.आप को बता दें कि दामोदर वैली कारपोरेशन(डीवीसी) ने अघोषित रूप से बिजली की कटौती के समय में बढ़ोतरी कर दी है. बिजली अधिकारी बताते हैं कि कटौती का समय 10घंटे से भी अधिक कर दिया गया है. 

    बकाया वसूली के लिए डीवीसी का अमानवीय हथकंडा

    बकाया वसूली के लिए डीवीसी की ओर से अब तक की सबसे अधिक कटौती कहीं जा रही है. लोग कह रहे है समय से बिजली बिल का पैसा देने के बाद भी लोगों को बिजली मयस्सर नहीं हो रही है. बता दें कि डीवीसी ने अपने कमांड एरिया में बिजली की कटौती बढ़ाकर राज्य सरकार पर दबाव बनाना चाहता  है, जिससे कि सरकार बाध्य होकर बकाया राशि का भुगतान कर दे.

    बैंकमोड़ चैंबर के पूर्व अध्यक्ष ने सौंपा ज्ञापन

    बैंक मोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र अरोड़ा एवं पुराना बाज़ार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सह सामाजिक कार्यकर्ता सोहराब खान ने धनबाद की लचर बिजली व्यवस्था में सुधार की माँग को ले कर आज जीएम अजीत कुमार की अनुपस्थिति में कार्यपालक अभियंता राजेश राजवार को ज्ञापन सौपा, और कहा कि धनबाद की बिजली व्यवस्था इन दिनों बेहद लचर हो गई है.  रोज  12 से 14 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है. सुरेन्द्र अरोड़ा एवं सोहराब खान ने बताया कि विभाग से कारण पूछने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा डीवीसी का हवाला दिया जाता है जब कि उपभोक्ता बिल का भुगतान जेबीवीएनएल को करते है. वहीं कांग्रेस नेता सह व्यवसायी चैम्बर नेता प्रभात सुरौलिया ने कहा कि बिजली कटौती अब बर्दाश्त से बाहर की बात हो गई है. अगर सुधार  नहीं हुआ तो व्यवसायी अपने प्रतिष्ठान में तालाबंद कर चाबी उपायुक्त को सौंप देंगे. आख़िर बिना बिजली का कोई बाहरी  निवेश करना तो दूर यहां का पहले से चल रहें उद्योग व व्यवसाय चलाना मुश्किल है. इधर भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने जहां वर्तमान हेमंत सरकार को घेरते हुए पूर्व की रघुवर सरकार को बेहतर बताया वहीं जबाबी हमला करते हुए झामुमो नेता देबू महतो ने कहा कि केंद्र के इशारे पर DVC राज्य सरकार को परेशान कर रहीं है। मतलब साफ़ है DVC और JBVNL की आपसी लड़ाई में कोयलांचल धनबाद की जनता पीस रहीं है. इधर बिजली त्रासदी को लेकर जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है.

    रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड, धनबाद


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news