कोयलांचल में कोयले का खेल : ट्रांसपोर्टेशन चालान फॉर्म डी की वैधता खत्म होने के बाद भी हो रही ढुलाई, कौन है जिम्मेदार ??

    कोयलांचल में कोयले का खेल : ट्रांसपोर्टेशन चालान फॉर्म डी की वैधता खत्म होने के बाद भी हो रही ढुलाई, कौन है जिम्मेदार ??

    धनबाद(DHANBAD)- ट्रांसपोर्टेशन चालान फॉर्म डी की वैधता खत्म होने के बाद भी गलत ई- वे -बिल से कोयला की ढुलाई की जा रही है. बलियापुर सीओ राम प्रवेश कुमार ने पूरे मामले का ख़ुलासा करते हुए बताया है कि जेएसएमडीसी के अफसरों ,कर्मचारियों की मिली भगत से कोयला की ढुलाई  की जा रही है. बलियापुर सीओ ने अपनी शिकायत में कहा है कि वे 10 जनवरी को पुलिस बल के साथ निरीक्षण के लिए निकले थे, इस दौरान कोयला लदे दस ट्रक एक जगह पर खड़े मिले. इसके बाद कागजात की जांच की गई तो गड़बड़ी का पता चला. ट्रांसपोर्टेशन चालान फॉर्म डी की वैधता समाप्त होने पर भी वे वाहन में मिले, वहीं जेएसएमडीसी द्वारा जारी  ई -वे बिल नियम संगत नहीं पाए गए हैं.

    ट्रकों में लगभग ढाई सौ मीट्रिक टन कोयला लदा है

    ट्रकों में लगभग ढाई सौ मीट्रिक टन कोयला लदा है, यह कोयला बीसीसीएल के नार्थ तिसरा से हजारीबाग के किसी उद्योग को जा रहा था. अभी पता चला है कि कुछ ट्रकों में लोड कोयले का ट्रांसपोर्टेशन चालान फॉर्म डी की वैधता एक साल पहले खत्म हो गई थी लेकिन उसके बाद भी ई वे बिल निर्गत किया गया है. अगर यह सच है तो यह बहुत बड़ी गड़बड़ी है और अगर जांच आगे बढ़ी तो तार धनबाद से रांची तक जुड़ेंगे और इसमें छोटी-छोटी मछलियों की बात कौन कहे, घाघ मगरमच्छों की गर्दन भी फंस सकती है. अब देखना होगा कि बलियापुर सीओ द्वारा जब्त कोयला लोड ट्रकों के मामले में आगे कार्रवाई कैसे बढ़ती है. क्योंकि इस पूरे मामले की जांच जिला खनन विभाग को करना होगा, और ये विभाग खुद झारखंड स्टेट मिनिरल डेवलोपमेन्ट कॉरपोरेशन के नियमों से संचालित होता है.

    रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड ,धनबाद


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